
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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| Case posted by | NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh |
| Case code | HP/29-08-2026 |
| Case year | 18-Aug-2026 |
| Type of atrocity | Abuses by caste name in any place within public view |
| Whether the case is being followed in the court or not? | No |
| Fact finding date | Not recorded |
| Case incident date | 18-Aug-2026 |
| Place | Village: Not recorded Taluka:Not recorded District: UNA(DP) State: Himachal Pradesh |
| Police station | HAROLI |
| Complaint date | 29-Aug-2026 |
| FIR date | 01-Jan-1970 |
यह घटना हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की तहसील हरोली के अंतर्गत पड़ते गांव लोअर बढ़ेड़ा की है, जो जिला मुख्यालय ऊना से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव के निवासी 15 वर्षीय नाबालिग दलित छात्र अवतार दास सपुत्र रमेश मेशी रहता है जो कि कक्षा 10वीं, आर्यन पब्लिक स्कूल, लोअर बढ़ेड़ा में पढता है. अवतार दास साथ हुई शृंखलाबद्ध उत्पीड़न, जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकियों का पूरा घटनाक्रम 17 अगस्त 2026 से शुरू होता है। 17 अगस्त 2026 को स्कूल में मध्याह्न अवकाश (हाफ टाइम) के दौरान अवतार दास के सहपाठी अक्षय राणा (पुत्र जसबीर सिंह) ने उसे अपने टिफिन से करेले की सब्जी खाने को कहा, जिसे अवतार द्वारा मना करने पर दोनों ने आपसी सहमति से अपनी रोटियाँ पक्षियों को डाल दीं; परंतु कुछ ही देर बाद अक्षय राणा अकारण ही क्रोधित हो गया और अवतार को "तू अपने आप को बहुत बड़ा समझता है" कहते हुए गाली-गलौज व हाथापाई करने लगा, जिसकी जानकारी अवतार ने शाम को घर लौटकर अपने परिजनों को दी। इसके अगले दिन, यानी 18 अगस्त 2026 को शाम लगभग 6:00 बजे, जब अवतार डेरा बाबा मंगल दास जी के पास स्थित अपने मित्र अतुल के घर गया हुआ था, तब अक्षय राणा का पिता जसबीर सिंह (पुत्र सुरजीत सिंह) अचानक वहाँ अंदर घुस आया और उसने अवतार को जातिसूचक शब्द कहते हुए थप्पड़ों व कोहनी से बेरहमी से पीटा तथा जान से मारने की धमकी देकर चला गया। इस हिंसा के बाद अवतार ने रात करीब 8:30 बजे 100 नंबर पर पुलिस को सूचित किया और थाना हरोली से मेडिकल परीक्षण के लिए कॉल भी आई, परंतु स्थानीय पंचायत प्रधान के यह कहकर समझाने पर कि मामला छोटा है और इसे आपस में सुलझा लिया जाएगा, परिजनों ने उस समय बालक का मेडिकल नहीं करवाया। तत्पश्चात, 24 अगस्त 2026 को रात लगभग 9:30 बजे, जब अवतार अपने दो दोस्तों के साथ बाज़ार से घर लौट रहा था, तो आरोपी जसबीर सिंह ने शराब के नशे में धुत्त होकर रास्ते में उनका मार्ग रोका, पुनः गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी, जिसे अवतार के दोस्तों ने बीच-बचाव करके छुड़वाया। इस घटना के अगले ही दिन, आरोपी जसबीर सिंह ने अपने प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए 15 वर्षीय पीड़ित छात्र के खिलाफ ही थाना हरोली में मारपीट की एक झूठी शिकायत दर्ज करवा दी। इसके साथ ही आरोपी द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियाँ दी जाने लगीं, जिससे अत्यधिक भयभीत होकर नाबालिग छात्र ने स्कूल जाना और अपने घर से बाहर निकलना पूरी तरह बंद कर दिया है। अंततः, इस पूरे घटनाक्रम और लगातार हो रहे मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित छात्र ने 29 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक, ऊना को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच कराने, आरोपी जसबीर सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा बाल संरक्षण/जुवेनाइल से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।