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| Case posted by | NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh |
| Case code | HP-25-07-2026 |
| Case year | 16-Jul-2026 |
| Type of atrocity | Abuses by caste name in any place within public view |
| Whether the case is being followed in the court or not? | No |
| Fact finding date | Not recorded |
| Case incident date | 16-Jul-2026 |
| Place | Village: Not recorded Taluka:Not recorded District: UNA(DP) State: Himachal Pradesh |
| Police station | UNA SADAR |
| Complaint date | 25-Jul-2026 |
| FIR date | 25-Jul-2026 |
यह अत्यंत गंभीर, संवेदनशील एवं जातिगत उत्पीड़न से संबंधित घटना हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की ग्राम पंचायत भटोली की है, जहाँ की स्थाई निवासी चरणजीत श्रीमती चरणजीत कौर उर्फ रानी पत्नी श्री राम कुमार (आयु लगभग 42 वर्ष, अनुसूचित जाति-चमार समुदाय से संबंधित, शैक्षणिक योग्यता मात्र आठवीं पास) वर्तमान में पंजाब के नंगल स्थित सरकारी स्कूल, विभोर साहिब में सफाई सेवक के रूप में कार्यरत रहकर मात्र ₹3000/- प्रतिमाह के मामूली वेतन पर अपने और अपने 11वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्र का जीवन-यापन कर रही हैं, तथा चरणजीत का विवाह दिनांक 19 सितंबर 2023 को पारिवारिक सहमति व कानूनी प्रक्रिया के तहत नंगल कोर्ट में श्री राम कुमार (जो कि उच्च ब्राह्मण जाति से संबंध रखते हैं) के साथ संपन्न हुआ था, जिसमें दोनों पक्ष पूर्व से तलाकशुदा थे और चरणजीत के पति श्री राम कुमार एवं उनके स्वर्गीय पिता (चरणजीत के ससुर) ने चरणजीत तथा उसके पहली शादी से उत्पन्न बेटे को पूरे मान-सम्मान एवं सहर्ष भाव से अपनाया था, परंतु चरणजीत के इस अंतर्जातीय विवाह से उनके पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति विश्व मोहन सुपुत्र श्री मंगत राम, आशु सुपुत्र श्री विश्व मोहन, शैली पत्नी श्री विश्व मोहन तथा चरणजीत की सगी जेठानी पूजा पत्नी श्री संजीव कुमार (जिसका पति विदेश में रहता है) अत्यंत रंजिशग्रस्त, द्वेषपूर्ण व नाखुश रहने लगे, और इस गहरी दुश्मनी एवं रंजिश की मुख्य वजह यह थी कि यदि चरणजीत के पति श्री राम कुमार अविवाहित रहते तो चरणजीत के ससुर जी की समस्त चल-अचल संपत्ति पर जेठानी पूजा और उसके परिवार का एकाधिकार हो जाता तथा वे उसे आसानी से हड़प लेते, किंतु चरणजीत और उसके पुत्र के वैधानिक रूप से परिवार में आ जाने के कारण उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत नाकाम हो गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी पूजा, विश्व मोहन, आशु और शैली ने एक राय होकर चरणजीत को उसके घर से बेदखल करने और मानसिक-शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने की नीयत से आए दिन जातिसूचक, अपमानजनक व ज़लील करने वाली भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया, जहाँ वे चरणजीत को सार्वजनिक रूप से यह कहकर नीचा दिखाते कि "कहां से यह चमारी आ गई है" और "कहां से यह कुत्ता इस चमारी को ब्याह के ले आया है", इतना ही नहीं पड़ोसी विश्व मोहन ने एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपने मकान की दीवार पर एक शक्तिशाली सीसीटीवी कैमरा (CCTV Camera) इस प्रकार जानबूझकर कोण (Angle) बनाकर स्थापित कर दिया जिसका सीधा फोकस चरणजीत और उनके पति के निजी शयनकक्ष (Bedroom) की ओर रहता है, जिसकी अत्यधिक तेज फ्लैशलाइट पूरी रात चरणजीत के कमरे के भीतर आती है जिससे चरणजीत एवं उनके पति की वैवाहिक गोपनीयता, निजता (Privacy) और मौलिक अधिकारों का सीधा हनन होता है, तथा जब चरणजीत और उनके पति ने इस संबंध में विश्व मोहन से अत्यंत सौहार्दपूर्ण ढंग से बातचीत कर कैमरे का रुख बदलने का आग्रह किया तो पूरा परिवार हिंसक व झगड़े पर आमादा हो गया, और इसी क्रम में दिनांक 16 जुलाई को जब चरणजीत ने पुनः सीसीटीवी कैमरा हटाने का विनम्र अनुरोध किया तो शैली पत्नी विश्व मोहन ने सरेआम गंदी, अश्लील और अभद्र गालियां देते हुए चिल्लाकर कहा कि "साली ने पांच-पांच खसम कर रखे हैं चमारी कहीं की" और विश्व मोहन ने खुलेआम जातिगत विद्वेष फैलाते हुए कहा कि "बहनचोद राम ने तो चमारी हमारे पड़ोस में ला रखी है", साथ ही आशु सुपुत्र विश्व मोहन ने चरणजीत और उनके परिवार को जान से मारने की प्रत्यक्ष धमकी दी, जिसकी बाबत चरणजीत व उनके पति ने स्थानीय ग्राम पंचायत भटोली के प्रधान श्री सतीश कुमार जी को एक लिखित शिकायत पत्र भी प्रस्तुत किया था, परंतु स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कानूनी, प्रशासनिक या दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई जिससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए, इसके अतिरिक्त चरणजीत की जेठानी पूजा ने अपने परिसर में अत्यंत हिंसक, आक्रामक एवं जानलेवा नस्ल के पिटबुल (Pitbull) एवं बुलटेरियर (Bull Terrier) जैसे खतरनाक कुत्ते पाल रखे हैं, और चूंकि चरणजीत के घर का शौचालय (Bathroom/Toilet) मूल रिहायशी घर से लगभग 10 से 20 मीटर की दूरी पर स्थित है जहाँ नित्य कर्म हेतु जाना अनिवार्य होता है, तो आरोपी पूजा जानबूझकर चरणजीत और उसके नाबालिग बेटे को गंभीर शारीरिक चोट पहुँचाने, कटवाने और खौफ के साए में रखकर घर छोड़ने पर मजबूर करने की दुर्भावना से उन खूंखार हिंसक कुत्तों को शौचालय जाने वाले रास्ते पर चरणजीत की तरफ खुला छोड़ देती है, जो सीधे काटने और झपटने के लिए दौड़ते हैं, जिसके कारण चरणजीत और उसके 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले नाबालिग बच्चे का शौचालय तक जाना दुश्वार हो गया है तथा पूरा परिवार अपने ही घर में अत्यंत भय, खौफ और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है, यहाँ यह तथ्य भी अत्यंत उल्लेखनीय एवं प्रासंगिक है कि दिनांक 5 अप्रैल 2026 को चरणजीत के पूज्य ससुर जी का स्वर्गवास हो गया था और अपनी मृत्यु से कुछ समय पूर्व उन्होंने चरणजीत को स्पष्ट रूप से सचेत व सतर्क करते हुए कहा था कि "मेरी बेटी, मुझे तुम्हारी जाति से कोई आपत्ति नहीं है, परंतु मेरे जाने के बाद मेरी बड़ी बहू पूजा और आस-पड़ोस के लोग तुम्हें जातिगत कारणों और संपत्ति के लालच में बहुत तंग करेंगे, इसलिए संभल कर रहना", और ससुर जी के देहांत के तुरंत बाद इन सभी नामजद आरोपियों (1. विश्व मोहन, 2. आशु, 3. शैली, 4. पूजा) का अत्याचार, उत्पीड़न और आपराधिक कृतृत्य चरम सीमा पर पहुँच गया है जहाँ वे एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत चरणजीत को अनवरत जातिसूचक गालियां देकर, हिंसक व खूंखार कुत्तों से जानलेवा हमला करवाने का प्रयास करके, सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निजता का हनन करके तथा सामाजिक-मानसिक प्रताड़ना देकर बेघर करने व संपत्ति हड़पने की नीयत से घर छोड़ने पर विवश कर रहे हैं, इस सारी घटना बारे NCDHR टीम की मदद से DSP अजय ठाकुर से मिला गया व इस घटना शिकायत कर दोषियों खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया.