पंचायत चुनाव के चलते विजेता दलित परिवार के साथ सड़क पर मारपीट व जाति सूचक गाली गलोच at Nalwadi (Code: HP/02-06-2026, Date: 30-May-2026 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
Case code HP/02-06-2026
Case year 30-May-2026
Type of atrocity Abuses by caste name in any place within public view
Whether the case is being followed in the court or not? No

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 30-May-2026
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: UNA(DP)
State: Himachal Pradesh
Police station BANGANA
Complaint date 30-May-2026
FIR date 05-Jun-2026

Case brief

Case summary

                                यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धनेत के डूमखर की है, जहाँ दलित समुदाय से पीड़ित सुरेश कुमार (उम्र 44 वर्ष, शिक्षा: 12वीं/प्लस-टू पास), निवासी ग्राम नलवाड़ी, डाकघर व तहसील बंगाना, जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश) के स्थायी निवासी हैं, जो अपने परिवार में दो बेटों (बड़ा बेटा 11वीं और छोटा बेटा 9वीं कक्षा) की पढ़ाई और आजीविका के लिए बंगाना बस स्टैंड पर बसों में सवारियां बैठाने के लिए आवाजें लगाने व मजदूरी का कार्य करते हैं। घटनाक्रम के अनुसार, सुरेश कुमार की पत्नी श्रीमती पूनम ग्राम पंचायत धनेत के वार्ड नंबर 7 से पंचायत चुनाव में वार्ड पंच पद की प्रत्याशी थीं और दिनांक 30 मई को चुनाव परिणाम में विजयी घोषित होने की खुशी में रात करीब 8:00 बजे समर्थकों द्वारा निकाले गए विजय जुलूस के दौरान सुरेश कुमार अपनी पत्नी व साथियों सहित गांव के 'डुमखर शनि मंदिर' में माथा टेकने जा रहे थे। जैसे ही वे मंदिर के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से मौजूद आरोपी बिल्ला (ड्राइवर HRTC), उसका लड़का, रंजू डॉक्टर और उनके साथ करीब 25 से 30 अज्ञात लोगों ने मिलकर डीजे बंद करवा दिया और पीड़ित व उनके साथियों को घेरकर "चमारो तुम्हारी औकात कैसे हुई डीजे बजाने की" जैसी अत्यंत अपमानजनक व जातिसूचक गालियां देते हुए जानलेवा हमला कर दिया। इस उग्र भीड़ ने पीड़ित सुरेश कुमार को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके कपड़े फट गए और उन्हें घसीटकर पास के नाले में फेंक दिया, जहाँ से पीड़ित सुरेश की पत्नी और साथियों ने बड़ी मुश्किल से बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। घटना के बाद गंभीर चोटों, अत्यधिक मानसिक आघात और नाले के गंदे पानी में गिरने से पीड़ित की हालत अत्यंत नाजुक हो गई, जिसके कारण वे तुरंत थाने जाकर बयान देने की स्थिति में नहीं थे, परंतु पुलिस विभाग द्वारा घर आकर पूछताछ करने के बाद उन्हें बंगाना अस्पताल ले जाया गया जहां उनका मेडिकल व स्कैन करवाया गया। इस अमानवीय घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के माननीय विधायक जी ने मौके पर आकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और विधायक जी के कड़े रुख व सीधे हस्तक्षेप के बाद पीड़ित ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत मजबूती से दर्ज करवाई, जिसके परिणामस्वरूप दिनांक 5/6/26 को बंगाना पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा नंबर 57/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 191, 190 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसकी जांच हेतु डिजिटल साक्ष्य (कॉल रिकॉर्डिंग) व चश्मदीद गवाह मौजूद हैं और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों द्वारा इसकी जांच एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) को सौंपी गई है।

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