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| Case posted by | NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh |
| Case code | HP/21-07-2026 |
| Case year | 16-Jul-2026 |
| Type of atrocity | Abuses by caste name in any place within public view |
| Whether the case is being followed in the court or not? | No |
| Fact finding date | Not recorded |
| Case incident date | 16-Jul-2026 |
| Place | Village: Not recorded Taluka:Not recorded District: UNA(DP) State: Himachal Pradesh |
| Police station | HAROLI |
| Complaint date | 16-Jul-2026 |
| FIR date | 16-Jul-2026 |
यह घटना जिला ऊना की तहसील हरोली की पंचायत छेत्रां के गाँव वीदड्वाल की है. इस गांवके बार्ड नंबर 4 में प्रमोद कुमार स्पुत्र स्व: कुंदन लाल जाति भन्झडा (SC) रहता है जिसकी उम्र 53 वर्ष की है और वह छेत्रां पंचायत में चौकीदार के रूप में नियुक्त है. ग्राम पंचायत बीदडवाल (क्षेत्रां) के पंचायत घर परिसर में घटित अत्यंत निंदनीय, अमानवीय तथा गंभीर आपराधिक घटना के विस्तृत घटनाक्रम के अनुसार, दिनांक 16 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:10 बजे पीड़ित प्रमोद कुमार पुत्र श्री कुंदन लाल (उम्र लगभग 53 वर्ष), निवासी गांव व डाकघर बीदडवाल, तहसील हरोली, जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश), जो कि भंजड़ा (अनुसूचित जाति) समुदाय से संबंध रखते हैं, अपनी आधिकारिक शासकीय जिम्मेदारी के तहत पंचायत घर क्षेत्रां के अंदर पूरी निष्ठा के साथ चौकीदार के पद पर ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उसी दौरान वार्ड नंबर 01 का वार्ड पंच कुलदीप कुमार पुत्र श्री रमेश चंद नशीली वस्तु (जर्दा/तंबाकू) का सेवन करते हुए अनाधिकृत एवं अभद्र रूप से पंचायत कार्यालय के भीतर दाखिल हुआ, जिस पर ऑन-ड्यूटी पंचायत चौकीदार प्रमोद कुमार ने बेहद शालीनता एवं अपने पदीय दायित्व का निर्वहन करते हुए आरोपी को पंचायत घर के अंदर नशीली वस्तु का सेवन करने तथा अनुशासनहीनता फैलाने से रोका, लेकिन इस जायज रोक-टोक से बौखलाकर आरोपी कुलदीप कुमार ने आपा खो दिया और बिना किसी उकसावे के अचानक अत्यंत आक्रामक होकर ऑन-ड्यूटी कर्मचारी प्रमोद कुमार के साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी, जिसमें आरोपी ने पीड़ित को लात-थप्पड़ों से बेदर्दी से पीटते हुए विशेष रूप से उनकी बाईं बाजू को निशाना बनाकर गंभीर चोटें पहुंचाईं—यह जानते हुए भी कि पीड़ित की बाईं बाजू में पूर्व में हुए एक गंभीर फ्रैक्चर के कारण मेडिकल रॉड (सर्जिकल रॉड) पड़ी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक प्रहार के कारण उनकी वह बाजू पूरी तरह से हिल गई और वे असहनीय दर्द से कराह उठे, और इसी दौरान आरोपी ने सरेआम जातिसूचक एवं अत्यंत अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए पीड़ित की जातिगत पहचान का मज़ाक उड़ाया और कहा कि “तू भंजडा है, तू मुझे नहीं रोक सकता” तथा सरेआम जलील कर गंभीर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी एवं भविष्य में जान से खत्म करने की प्रत्यक्ष धमकियां भी दीं; इस पूरी शर्मनाक एवं आपराधिक घटना के दौरान मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों जैसे रोशन लाल (पुत्र श्री जगदेव सिंह) ने हस्तक्षेप कर पीड़ित को आरोपी के चंगुल से बचाया, जबकि आरोपी कुलदीप कुमार पीड़ित को भविष्य में किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाने और जान से मार देने की खुली धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया, हालांकि यह पूरी घटना पंचायत कार्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों में भी दर्ज हो गई; घटना के तुरंत बाद जब पीड़ित प्रमोद कुमार अपनी शिकायत दर्ज कराने हेतु ग्राम पंचायत प्रधान के साथ हरोली पुलिस थाने पहुंचे, तो पुलिस प्रशासन की अत्यंत निराशाजनक व उदासीन कार्यप्रणाली देखने को मिली, जहाँ पंचायत प्रधान के साथ मौजूद रहने के बावजूद पुलिस द्वारा पीड़ित की प्राथमिक सूचना (FIR) दर्ज नहीं की गई और पीड़ित को बिना किसी ठोस वजह के लगभग 4 घंटे तक थाने में ही बिठाकर रखा गया, जिसके पश्चात मामले की सूचना मिलने पर NCDHR (राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान) के राज्य महासचिव राज महें ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए हरोली थाने के मुंशी को फोन कर पुलिस की लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया और सख्त हिदायत दी, जिसके दबाव के बाद ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तब जाकर रात लगभग 7:37 बजे पीड़ित प्रमोद कुमार की आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की जा सकी; घटनाक्रम का यह पक्ष अत्यंत चिंताजनक एवं संवेदनशील है कि पीड़ित प्रमोद कुमार के ऊपर पूर्व में वर्ष 2019 में भी तलवारों व धारदार हथियारों से जानलेवा हमला हो चुका है, जिसमें वे चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बचे थे, और अब वर्ष 2026 में ऑन-ड्यूटी के दौरान एक जनप्रतिनिधि (वार्ड पंच) द्वारा उन पर पुनः हमला किया गया यह हिंसक व बर्बर हमला उनके जीवन की सुरक्षा के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा पैदा करता है और यह घटना न केवल संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है बल्कि संपूर्ण समाज व प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी बेहद निंदनीय एवं चिंताजनक है; इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए NCDHR (राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान) की राज्य स्तरीय फैक्ट फाइंडिंग टीम ने राज्य महासचिव राज महें की अगुवाई में बीदडवाल पंचायत घर का दौरा कर मौका-ए-वारदात का गहन निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और पुलिस थाना हरोली में दर्ज प्राथमिकी संख्या 0091/2026 (धारा 3(1)(r), 3(1)(s) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा धारा 115(2), 351(3) भारतीय न्याय संहिता) के तहत त्वरित एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी वार्ड पंच कुलदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से उसके पद से निष्कासित करने, उसकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा पीड़ित एवं उनके परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व कानूनी न्याय प्रदान करने की पुरजोर सिफारिश की है।