DSP द्वारा जाति सूचक टिपणी व बुरी तरह से प्रताड़ित करना at Sahlewal (Code: HP/11-06-2026, Date: 23-Apr-2026 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
Case code HP/11-06-2026
Case year 23-Apr-2026
Type of atrocity Abuses by caste name in any place within public view
Whether the case is being followed in the court or not? No

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 23-Apr-2026
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: BADDI(DP)
State: Himachal Pradesh
Police station NALAGARH
Complaint date 24-Apr-2026
FIR date 01-Jan-1970

Case brief

Case summary

                                यह घटना जिला सोलन कीतहसील नालागढ़ के गाँव सालेवाल के एक समाज सेवी की है, आज देश को आज़ाद हुए 78 वर्ष से अधिक का समय हो गया है लेकिन दलित समाज के साथ अत्याचार व भेदभाव के मामले नहीं थम रहे है बड़े ही दुःख की बात है की दलित समाज के साथ अत्याचार तो हो ही रहे है पर जो कोई भी दलित समाज के हित की बात करता है या दलित समाज के लिए लड़ाई लड़ता है उसे या तो जान से मार दिया जाता है या उसके साथ बुरी तरह से मारपीट कर प्रताड़ित किया जाता है या उसे झूठे मामलों में फसाया जा रहा है. पीड़ित विजय कुमार, निवासी गाँव मलेवाल, डाकघर राजपुरा, तहसील नालागढ़, जिला सोलन (हि.प्र.) द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, दिनांक 23/04/2026 को जब वह किसान मंडी मलेवाल में अपनी दुकान लगा रहा था, तब नालागढ़ के डीएसपी (भीष्म ठाकुर) बिना किसी उचित लिखित आदेश के जबरदस्ती मंडी बंद करवाने लगे। जबकि स्थानीय जमींदार के पास इस संबंध में माननीय न्यायालय का स्टे ऑर्डर (Stay Order) पहले से मौजूद था। जब पीड़ित विजय कुमार ने डीएसपी से इस कार्रवाई से संबंधित लिखित आदेश दिखाने का विनम्रतापूर्वक निवेदन किया, तो उक्त अधिकारी अत्यधिक उग्र हो गए और उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के साथ अत्यंत अभद्र भाषा, माँ-बहन की गंभीर गालियों और हिंसक धमकियों का प्रयोग किया, जिससे वहाँ उपस्थित करीब 50 दुकानदारों के लगभग 5 लाख रुपये के माल का नुकसान होने की स्थिति उत्पन्न हो गई। इतना ही नहीं, उक्त डीएसपी ने पीड़ित के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाने की नीयत से सार्वजनिक रूप से उसकी जाति को लेकर अपमानजनक, आपत्तिजनक व जातिसूचक टिप्पणियां कीं, जो कि अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है। उल्लेखनीय है कि उक्त अधिकारी द्वारा किया गया यह कृत्य कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह गहरी राजनीतिक रंजिश और पूर्वाग्रह से प्रेरित दुर्भावना का हिस्सा है। इससे पूर्व भी उक्त डीएसपी ने पीड़ित विजय कुमार के भाई अनिल कुमार को निशाना बनाते हुए उनके खिलाफ पूरी तरह से झूठा मामला दर्ज किया था, उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया था, तथा उस दौरान भी उनके साथ सरेआम जातिसूचक शब्दों का उच्चारण कर उन्हें अपमानित किया था। डीएसपी द्वारा एक ही परिवार के सदस्यों को लगातार जातिगत रूप से प्रताड़ित करने, झूठे मामलों में फंसाने और खुलेआम धमकियां देने के कारण वर्तमान में पीड़ित, उसका भाई अनिल कुमार और उनका पूरा परिवार अत्यंत भयभीत है तथा अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से आशंकित है, जिसके मद्देनजर उक्त दोषी अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच, एससी/एसटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा प्रदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

 

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