
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
Type ATM < your message > Send to 9773904050
]
यह घटना जिला ऊना, के गाँव नंगल सलांगडी की है, जहाँ दलित समाज से सम्बन्धित नीतिका पत्नी श्री बंटी, निवासी गांव व डाकखाना नंगल सलांगडी, वार्ड नंबर 3, जिला ऊना (हि.प्र.) रहती है जो कि अनुसूचित जाति (चमार) से संबंधित एक 24 वर्षीय शिक्षित महिला हैं, के परिवार का आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 1 से गहरा और पुराना नाता रहा है, जहाँ उनकी दिवंगत सासू माँ श्रीमती कमला देवी वर्ष 1999 से निरंतर सहायिका के पद पर पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत थीं, किंतु नियति के क्रूर प्रहार के कारण 12 अक्टूबर 2024 को लंबी बीमारी के चलते उनका आकस्मिक निधन हो गया, जिससे न केवल परिवार ने एक संरक्षक खोया बल्कि अत्यंत निर्धनता में जीवन यापन कर रहे इस परिवार की आजीविका का मुख्य साधन भी छिन गया। प्रार्थिया के पति एक दिहाड़ीदार मजदूर हैं जिनकी आय अनिश्चित है, और ऐसी विषम आर्थिक परिस्थितियों में जब रिक्त हुए सहायिका पद हेतु नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ हुई, तो प्रार्थिया ने अपनी योग्यता (+2 उत्तीर्ण) और पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर पूरी आशा के साथ आवेदन किया, परंतु चयन प्रक्रिया के दौरान प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तब गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए जब गांव की ही दो अन्य सक्षम महिलाओं, सपना और पूनम, को तो साक्षात्कार (Interview) हेतु बुलावा पत्र जारी कर दिया गया, लेकिन मुख्य पात्र होने के बावजूद नीतिका को इस प्रक्रिया से पूरी तरह वंचित रखा गया और उन्हें कोई सूचना पत्र प्राप्त नहीं हुआ। यह तथ्य अत्यंत विचलित करने वाला है कि जिन दो आवेदिकाओं को साक्षात्कार हेतु बुलाया गया, वे आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों से हैं जिनके पास स्वयं के वाहन (गाड़ियां) तक मौजूद हैं, जो सीधे तौर पर आंगनवाड़ी नियुक्तियों के लिए निर्धारित 'निर्धनता और आय सीमा' के मानदंडों का उल्लंघन प्रतीत होता है, जिससे स्पष्ट है कि प्रार्थिया के विरुद्ध एक गहरी साजिश रची गई है ताकि एक पात्र और जरूरतमंद उम्मीदवार को उसके हक से महरूम किया जा सके। अतः आज दिनांक 10 जनवरी 2025 को होने वाले साक्षात्कार को तत्काल प्रभाव से रद्द करना न्यायसंगत होगा, ताकि उन संपन्न उम्मीदवारों की वास्तविक आय की निष्पक्ष जांच हो सके और प्रार्थिया के आय प्रमाण पत्र का पुनर्मूल्यांकन करते हुए उन्हें उनकी सासू माँ के स्थान पर अनुकंपा और पात्रता के आधार पर पद पर बहाल किया जा सके, जिससे एक गरीब परिवार को भुखमरी से बचाया जा सके और व्यवस्था में उनका विश्वास पुनः कायम हो सके।
यह घटना तहसील बंगाणा के गांव चराड़ा की है। इस गांव में विवेक कुमार पुत्र कशमीर सिंह, निवास करता है। उसकी आयु लगभग 36 वर्ष की है और वह चमार जाति से सम्बन्धित है। विवेक कुमार मजदूरी का काम करता है। विवेक कुमार व उसके पिता के तीन भाई अपना अपना घर बना कर अपने परिवारों के साथ रहते है. इनके घरों के साथ ही करीव 200 मीटर की दुरी पर राजपूत जाति के घर है. विवेक कुमार व राजपूत जाति के लोगो की खेती वाडी वाली ज़मीन साथ साथ में ही है. राजपूत जाति से कर्म चन्द स्पुत्र संत राम, मदन लाल स्पुत्र जय चन्द ने जबरन विवेक कुमार की जमीन से रास्ता निकालना शुरू कर दिया और विवेक कुमार को पूछा तक नहीं. जब विवेक कुमार ने इसका विरोध किया तो कर्म चन्द स्पुत्र संत राम, मदन लाल स्पुत्र जय चन्द व इनके साथ सोनू पुत्र कर्म चन्द विवेक कुमार के साथ गाली गलोच करने लगे. सोनू ने कहा चमारो को जुत्ते के नीचे मसल दूंगा साले दो टक्के के चमार. जब इस बारे गांव के प्रधान अरुण मनकोटिया से करी गई तो उसने भी यही कहा की तो क्या हुआ रास्ता ही तो बनाया है. मेरी मर्जी चलती है यहाँ मैं जो बोलूंगा वो ही होगा.
दिनाक 23-05-25 को विवेक शाम को अपने घर पर था तो घर पर राजपूत जाति से तीन महिलायें रीना देवी पत्नी सुशील कुमार, रजनी देवी पत्नी मुल्तान सिंह, सोमा देवी पत्नी सुरेश कुमार आई और विवेक के साथ गाली गलोच करना शुरू कर दिया उनके हाथ में उस दोरान लाठियां थी जब विवेक ने उन तीनो को घर से जाने को कहा तो तीनों ने विवेक के साथ बुरी तरह से मारपीट करना शुरू कर दिया. इस मारपीट में विवेक को काफी चोटे आई. इस बारे विवेक ने थाना बंगाणा में अपनी शिकायत दर्ज करवाई पर पुलिस की तरफ से कोई कार्यवाही ना अमल में लाइ गई और यह केस पंचायत में भेज दिया गया.
यह घटना तहसील बंगाणा के गांव घनेटी की है। इस गांव में रणदीप कुमार स्पुत्र सुरम चन्द रहता है. उसकी उम्र 26 वर्ष की है. वह अनुसूचित जाति में से चमार जाति से सम्बन्धित है
यह मामला एक संगठित मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक शोषण और जातिगत भेदभाव से संबंधित है, जिसका शिकार पीड़ित रणदीप, पुत्र श्री सुरम चन्द, निवासी गांव घनेटी (ऊना) हुआ है। घटना की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई जब पीड़ित, जो पिछले 4 वर्षों से ऐकवाप्रूव लैबोटरी में सैंपल कलेक्शन का कार्य कर रहा है, की मुलाकात कार्यस्थल (साईं लैबोटरी, ऊना) में शालू नामक युवती से हुई। शालू ने अपनी पहचान और मित्रता का लाभ उठाते हुए पीड़ित के साथ निरंतर संपर्क बनाया और उसे भावनात्मक रूप से अपने करीब लाया, जिसमें नियमित चैटिंग और प्रतिदिन शाम को पीड़ित के साथ ही घर जाने की जिद शामिल थी। इस दौरान शालू ने पीड़ित की आर्थिक स्थिति और उसकी सज्जनता का नाजायज फायदा उठाते हुए उससे समय-समय पर चांदी के आभूषण (ब्रेसलेट, अंगूठी, चेन), महंगे कपड़े, जूते और निरंतर मोबाइल रिचार्ज के रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त किया। अक्टूबर 2024 में शालू की सगाई अन्यत्र हो जाने के पश्चात भी उसने पीड़ित को छोड़ने के बजाय उस पर अपना मानसिक नियंत्रण बनाए रखा और यहाँ तक कि पीड़ित की व्यावसायिक पदोन्नति (Promotion) में भी बाधा उत्पन्न की, ताकि पीड़ित ऊना क्षेत्र छोड़कर न जा सके। विवाद की स्थिति तब उत्पन्न हुई जब शालू द्वारा पीड़ित पर अनावश्यक दबाव बनाया जाने लगा और सच्चाई छिपाने के लिए उसे जहर खाने जैसी धमकियाँ दी जाने लगीं। जब पीड़ित ने इस असहज स्थिति से तंग आकर शालू के मंगेतर को वास्तविकता से अवगत कराया, तो शालू का व्यवहार अचानक जातिवादी और हिंसक हो गया। उसने पीड़ित की जाति (चमार) को लक्षित करते हुए "चमारां वाली गल" और "औकात" जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जो सीधे तौर पर पीड़ित के मान-सम्मान पर चोट थी। इसके उपरांत, दिनांक 4 मार्च 2026 को शालू के भाई सोरभ ने फोन कॉल के माध्यम से पीड़ित को अत्यंत अश्लील गालियां दीं और जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए यह कहा कि "सालेया चमारा तेरी औकात किदा होई साडी कुड़ी नाल गल करन दी," और "असी हुण कुड़ी चमारा दे देइये।" सोरभ ने स्पष्ट शब्दों में पीड़ित को "गेम करवा देने" यानी जान से मारने की धमकी दी, जिससे पीड़ित की जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। वर्तमान में शालू द्वारा बार-बार आत्महत्या की धमकी देकर पीड़ित को एकांत स्थान (जोगी पंगा) पर बुलाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो पीड़ित को किसी झूठे मामले या शारीरिक हमले में फंसाने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। ऊना जिले में हाल ही में हुई हत्या की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में, पीड़ित और उसका परिवार अत्यधिक भयभीत है, क्योंकि आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित को जातिगत आधार पर नीचा दिखाने और उसे जान से खत्म करने की लगातार धमकियाँ दी जा रही हैं, जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (निवारण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव बैरियाँ डाकघर बलौंन, उप तहसील जोल तहसील बंगाणा, जिला ऊना, हि०प्र० 174314, की है. यह गांव ऊना मुख्यालय से 50 कि०मी० की दुरी पर है. राज्य हिमाचल में जातिय व्यवस्था पर आधारित छुआछूत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है भारत को आज़ाद हुए 72 वर्ष के करीब हो गए है पर ऐसी घटिया मानसिकता रखने वाले लोग आज भी समाज में मौजूद है. घटना सिथित इस गांव में पंझडा (डॉम) SC जाति के 2 घर, चमार जाति के 10 घर, राजपूत जाति के 15 घर, जीर जाति के 3 घर, ब्राहमण जाति के 11 घर, है इस गांव में 2 प्राइमरी व एक +2 तक हाई स्कुल है इस गांव में डिस्पेंसरी भी है व् पानी की भी कोई समस्या नहीं है.
इसी गांव में दलित चमार जाति में से प्रीतम चन्द सपुत्र मिलखी राम रहता है, जिसकी उम्र 58 वर्ष की है वह शादी शुदा है और उसके सात बच्चे है जिनमे से 4 लडकियां जिनकी शादी हो गई है व तीन बेटे है जो की अभी अपनी पढ़ाई करके काम की तलाश में है. प्रीतम चन्द की दिहाड़ी मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है. प्रीतम चन्द का स्थाई पता गांव बैरियाँ डा० बलौन, तहसील बंगाणा, जिला ऊना हि०प्र० है.
प्रीतम चन्द की दिहाड़ी मजदूरी से ही उसके घर का खर्च चलता था लेकिन 2022 में दिहाड़ी पर गेहूँ की कुतराई करते समय थरैषर मशीन में उसके दायें हाथ की तीन उंगलियाँ कट गई है और अब दिहाड़ी करना भी उसके लिए मुश्किल है.
उसका मलकियती खेत जो कि उसके घर से करीब 1 कि०मी० की दुरी पर बैरियाँ खड के किनारे पर है उसमे प्रीतम चन्द समय अनुसार हर फसल अपने खाने हेतु बोता है.उसके खेतों के साथ ही कर्म चन्द व उसके भाई धर्म चन्द दोनों स्पुत्र संत राम जाति राजपूत निवासी बैरीयाँ के खेत है. कर्म चन्द ने जबरन प्रीतम चन्द के खेत के साथ लगती खड में अपनों खेतों में पानी लगाने के लिए मोटर प्रीतम चन्द की ज़मीन में रख दी और मोटर के लिए तार भी उसके खेत के ऊपर से लगा दी जिसको हटाने बारे उसने कई बार पंचायत में बोला पर कर्म चन्द ना ही मोटर को उठा रहा है और ना ही तारों को हटा रहा है कर्म चन्द ने प्रीतम चन्द व उसकी पत्नी को बोला “चमारा दी ऐनी औकात नी जो मोटर उठवा सके” व काफी गन्दी गन्दी गालियां निकाली और जान से मारने कि धमकी दे डाली .
इस बारे प्रीतम चन्द ने DSP अजय ठाकुर को कर्म चन्द कि मोटर/तारे मेरी ज़मीन से उठवाई जाए बारे दोषी कर्म चन्द के खिलाफ जान से मरवाने कि धमकी देने व जाति सूचक गाली गलोच करने व जाति तौर पर अपमानित करने खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अधिनिय एक्ट के तहत व अन्य BNS कि धाराओं के तहत मामला दर्ज करने बारे प्रार्थना पत्र दिया.
दिसंबर 2024 में जिला ऊना की ग्राम पंचायत सुनेहरा (वार्ड नं. 5) में दलित बस्ती को जाने वाले रास्ते का किनारा बरसात के कारण गिर जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था, जिसके समाधान हेतु पंचायत द्वारा डंगा लगाने का कार्य शुरू किया गया, परंतु कुछ जातिवादी तत्वों द्वारा इस निर्माण कार्य को जबरन रोकते हुए दलित समुदाय के लोगों के साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया गया। इस गंभीर विषय पर NCDHRऔर NDMJके राज्य महासचिव राज महें ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों के साथ जिला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ऊना से मुलाकात कर शिकायत पत्र सौंपा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। संस्था के निरंतर हस्तक्षेप, कानूनी दबाव और प्रशासनिक फॉलो-अप का यह परिणाम रहा कि विरोध करने वाले पक्ष को पीछे हटना पड़ा और वर्षों से लंबित यह विवाद सुलझ गया। वर्तमान में, संगठन के सफल प्रयासों से दलित बस्ती के इस रास्ते पर न केवल डंगा लगाने का कार्य पूर्ण हुआ है, बल्कि पूरी गली में कंक्रीट डालकर पक्की सड़क का निर्माण भी कर दिया गया है, जो सामाजिक न्याय और संस्था के सशक्त नेतृत्व की एक बड़ी जीत है।