प्रवासी दलित युवती को अंतरजातिय शादी के बाद जाति तौर पर प्रताड़ित करना व पति सहित घर से वेघर करना a (Code: HP-16-10-2026, Date: 04-Oct-2026 )

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Case Title

Case primary details

Case posted by NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
Case code HP-16-10-2026
Case year 04-Oct-2026
Type of atrocity Abuses by caste name in any place within public view
Whether the case is being followed in the court or not? No

Fact Finding

Fact finding date

Fact finding date Not recorded

Case Incident

Case Incident details

Case incident date 04-Oct-2026
Place Village: Not recorded
Taluka:Not recorded
District: UNA(DP)
State: Himachal Pradesh
Police station UNA SADAR
Complaint date 14-Oct-2026
FIR date 14-Oct-2026

Case brief

Case summary

                             यह घटना जिला ऊना की लोअर पंचायत बहडाला की है, जहाँ दलित समाज (अनुसूचित जाति) से संबंध रखने वाली ममता, पत्नी दिनेश कुमार, उम्र करीब 32 से 33 वर्ष, निवास करती हैं; ममता केवल पाँचवीं कक्षा तक पढ़ी-लिखी हैं और उनका मायका ग्राम बैरीणसीरपुर, तहसील आलापुर, जिला अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश में स्थित है। ममता के माता-पिता का बचपन में ही देहांत हो गया था, जिसके उपरांत उनका पालन-पोषण उनके परिवार द्वारा किया गया तथा उनकी शादी उनके मामा के लड़के ने पीएसीएल (PACL) कॉलोनी नया नंगल पंजाब के निवासियों के सामूहिक सहयोग से तय करवाई थी। पीएसीएल कॉलोनी के सभी लोगों ने एकत्र होकर पूरे रीति-रिवाज से विवाह का प्रबंध किया और दिनांक 3 मई 2022 को पीएसीएल कॉलोनी, नया नंगल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अत्यंत आदर-सत्कार, टीके व समस्त पारंपरिक रस्मों को विधिवत अदा करते हुए उनका विवाह दिनेश कुमार, सुपुत्र सतपाल शर्मा, निवासी गाँव लोअर बहडाला, तहसील व जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश) के साथ संपन्न कराया गया था। विवाह तय होते समय तथा फेरों के दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने पूर्ण सहमति व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा था कि उन्हें लड़की हर प्रकार से मंजूर व पसंद है, चाहे वह चमार जाति से ही क्यों न संबंध रखती हो, उन्हें इस अंतर्जातीय विवाह से कोई आपत्ति नहीं है। विवाह के पश्चात ममता अपने पति दिनेश कुमार के साथ ससुराल गाँव लोअर बहडाला में आकर रहने लगीं, जहाँ उनके पति दिनेश कुमार 'ऊना नंबर वन शराब देशी फैक्ट्री, मेहहतपुर' में मजदूरी व मेहनत का कार्य करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। शादी के शुरुआती दौर में माहौल सामान्य रहा, परंतु शादी के लगभग दो वर्ष बीत जाने के बाद ससुराल पक्ष के लोगों की नीयत और व्यवहार में भारी बदलाव आ गया तथा उन्होंने ममता को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित व तंग करना शुरू कर दिया। ममता के ससुर सतपाल शर्मा, सास संदेश देवी तथा उनकी दो विवाहित ननदें पूनम व नेहा उनके साथ जातिगत भेदभाव और खुलेआम छुआछूत का व्यवहार करने लगीं। जब भी दोनों ननदें अपने मायके आती थीं, तो वे ममता को यह कहकर जलील व अपमानित करती थीं कि 'हम ऊँची जाति के ब्राह्मण हैं और तू नीच जात चमार से है', जिससे ममता की गरिमा, मान-सम्मान और भावनाओं को निरंतर ठेस पहुँचती रही। ननदों के उकसावे और बहकावे में आकर सास-ससुर ने भी घर में छुआछूत बरतना शुरू कर दिया और पिछले दो वर्षों से उन्होंने ममता के साथ एक जगह बैठकर भोजन करना बंद कर दिया तथा उसके हाथ से बना खाना खाने तक से इनकार कर दिया। चूंकि विवाह के इतने वर्ष बीत जाने के उपरांत भी कोई संतान उत्पन्न नहीं हुई थी, इसलिए ससुराल पक्ष के लोग तथा उनके सहयोगी ममता को लगातार 'बांझ' और 'चमार' कहकर ताने मारते, अपमानित करते और घर से निकालने की धमकियाँ देते रहे। इस पूरे विवाद, षड्यंत्र और कलह के पीछे मुख्य किरदार सोनिया राणा (पत्नी शंकर दास) का है, जिसके घर पर ममता के ससुर सतपाल शर्मा नियमित रूप से कार्य करते हैं, और सोनिया राणा ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके ममता को घर से बेदखल करवाने का सारा ताना-बाना बुन रही है। सोनिया राणा, प्रमोद सिंह उर्फ कालू (पुत्र गंधर्व सिंह) तथा कुलदीप सिंह (पुत्र प्रीतम सिंह) के बहकावे, उकसावे और प्रत्यक्ष दबाव में आकर ससुराल वालों ने ममता को घर से जबरन बाहर निकालने की पूरी साजिश रच डाली। इन सभी लोगों ने ममता के साथ झगड़ा व गाली-गलौज करते हुए उनका घरेलू सामान तक घर से बाहर निकालकर फेंकना शुरू कर दिया ताकि उन्हें बेघर व लाचार किया जा सके। मामला उस समय पराकाष्ठा पर पहुँच गया जब दिनांक 4 अक्टूबर 2026 को इन सभी आरोपियों—जिनमें सोनिया राणा, प्रमोद सिंह, कुलदीप सिंह, ससुर सतपाल शर्मा, सास संदेश देवी और ननदें शामिल थीं—ने सोनिया राणा के घर पर एकत्र होकर एक षड्यंत्रकारी बैठक की और वहाँ से लौटकर ममता को भद्दी-भद्दी गालियाँ दीं तथा सरेआम जाति-सूचक अपशब्द बोलते हुए कहा कि 'इस चमारी का इंतजाम हमने कर दिया है और अब इस बांझ चमारी को घर से धक्के मारकर बाहर निकालो।' यह समूचा अमानवीय व्यवहार, अपमान और जातिगत अत्याचार ममता के पति दिनेश कुमार   की प्रत्यक्ष मौजूदगी में घटित हुआ, जिसके बाद उक्त आरोपियों ने ममता को जान से मार देने की सीधी धमकियाँ भी दीं। इस प्रकार लगातार हो रहे जातिगत उत्पीड़न, अमानवीय छुआछूत, सार्वजनिक अपमान, जानलेवा धमकी और घर से बेदखल करने की साजिशों से त्रस्त होकर प्रार्थिया ममता ने पुलिस अधीक्षक (SP) ऊना को विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा, जिसके आधार पर थाना ऊना सदर में दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी संख्या (FIR No.) 0284/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 85, 352, 351(2), 61(2) एवं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 1989/2015 की धारा 3(1)(r) व 3(1)(s) के तहत आरोपी सतपाल शर्मा, संदेश देवी, पूनम, नेहा, सोनिया राणा, प्रमोद सिंह उर्फ कालू और कुलदीप सिंह के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर विधिक अनुसंधान प्रारंभ किया गया।

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