• Advance Search
  • From Date

    To Date

 Click here to sort older casesTotal records:1129

दलित महिला से साजिश कर छिनी आँगन वाडी कि नौकरी at Badeda Lowr

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Date of incident: 03-04-2024
  • Create date: 10-04-2026
  • State:: Himachal Pradesh
  • District:: UNA(DP)
  • Police station:: Haroli
  • Chargesheet:: No
  • Summary::

                                यह घटना जिला ऊना की तहसील तहसील हरोली के गांव लोअर बढेडा कि है जिसमे गांव लोअर बढेडा में वार्ड न० 1 कि आँगन वाडी में सहायिका (हेल्पर) की पोस्ट निकली जिसके लिए 3 अगस्त 2024 को कमलेश कुमारी ने अपना आवेदन भर दिया और सारी ओपचारिक्ताएं पूरी कर दी जिसके चलते उसके  पास दिनाक 24/08/24 को आँगन वाडी दफ्तर से मैडम ज्योति पाठक का फोन आया और कहा कि आपकी 28 अगस्त को इंटरव्यू है. 28/08/24 को कमलेश कुमारी अपनी इंटरव्यू दी और उसमे पास हो गई उसके साथ उसके ही गांव से नेहा ठाकुर पत्नी रविंदर कुमार जाति राजपूत ने अपनी इंटरव्यू दी जिसके अंक कम आये वहां पर प्रमाणित हो गया कि आँगन वाडी में सहायिका (हेल्पर) कि नोकरी कमलेश को  मिल रही है लेकिन 30/08/24 को कमलेश के पति को  तहसीलदार दफ्तर से फोन आया कि आपके खिलाफ शिकायत कमलेश का पति अपने दोस्त सोनी कुमार के साथ तहसीलदार दफ्तर में गया वहां पर पता चला कि रघुवीर सिंह स्पुत्र ठाकुर सिंह जाति राजपूत ने उनके आय प्रमाण पत्र के खिलाफ शिकायत करी है और लिखा है कि इनके पास अधिक भूमि है गाडी है और कलेश के पति कि आय ज्यादा है जबकि गाडी उन्होंने उधार ली थी और कब की बेच दी है जिसके बेचने के कागज़ात उनके पास है कमलेश के पास भूमि करीब 8-9 कनाल है इसमें से थोड़ी बहुत भूमि ही खेती वाडी काबिल है जिसमे कि कभी कभार ही अच्छी फसल होती है. जब कमलेश का पति अपने दोस्त सोनी कुमार के साथ तहसीलदार दफ्तर में था तो मौका पर रघुवीर सिंह भी वहीँ पर था जो कि बुरी तरह से कमलेश के पति व सोनी कुमार के साथ बहस करने लगा कि यह नोकरी तो नेहा ठाकुर को ही मिलेगी तुम लोगो को हक़ हलाल की खानी नहीं आती. जिसके बाद तहसीलदार साब ने कमलेश के पति का  आय प्रमाण पत्र रद्द कर दिया दुःख कि बात है कि ना ही कमलेश के पास गाड़ी है, ना ही पक्का मकान, ना ही उसका  पति नौकरी करता है, ना उनकी खेती वाडी अच्छे से होती है और उनके ऊपर सोसाईटी का करीब 3 लाख क़र्ज़ भी है फिर भी उनका आय प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया, जबकि नेहा ठाकुर के पास बहुत सारी ज़मीन है उसका पति डीजल मकैनिक है और अच्छी खासी नौकरी कर रहा है फिर भी यह आँगन वाडी में सहायिका (हेल्पर) कि नौकरी नेहा ठाकुर को मिल गई है.

    उपायुक्त महोदय से गुजारिश कि गई कि आँगन वाडी में सहायिका (हेल्पर) कि पोस्ट पर कमलेश कुमारी को बहाल किया जाए व नेहा ठाकुर की आँगन वाडी में सहायिका (हेल्पर) नोकरी को रद्द किया जाए उसकी आय की जांच करवाई जाए व कमलेश के पति आय कि पुन: जांच करते हुए आय प्रमाण पत्र को भी बहाल किया जाए

Downloads

जबरन शादी कराने की धमकी, फोटो बना कर वायरल कर इज्ज़त बदनाम करने की धमकी Bathari

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Date of incident: 12-11-2023
  • Create date: 10-04-2026
  • State:: Himachal Pradesh
  • District:: UNA(DP)
  • Police station:: Tahliwal
  • Chargesheet:: No
  • Summary::

                                                  यह घटना जिला ऊना की तहसील हरोली के गांव बाथडी की है इस गांव में दलित समाज से प्रार्थी युविका, जो कि गांव बाथडी (तहसील हरोली, जिला ऊना) की निवासी है और अनुसूचित जाति (लोहार) से संबंध रखती है, ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उसने पिछले वर्ष 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद टाहलीवाल स्थित एक सिलाई सेंटर में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था, जहाँ उसकी मुलाकात सहेली परमला से हुई जिसने उसे इंस्टाग्राम पर जशपाल (निवासी नानग्रां, पंजाब) नामक युवक से दोस्ती करने के लिए प्रेरित किया और उसकी जाति व पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी, जिसके उपरांत प्रार्थी की जशपाल के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से सामान्य बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान दिनांक 12/11/2023 को दीपावली के अवसर पर सुबह लगभग 10 बजे जशपाल प्रार्थी को अपनी माता से मिलवाने के बहाने जबरन अपने घर ले गया, जहाँ जशपाल की माता और अन्य परिजनों ने प्रार्थी की असहमति के बावजूद एक सोची-समझी साजिश के तहत उसे कुर्सी पर बैठाकर उसके सिर पर चुनरी रखी, हाथ में मौली बांधी और जशपाल से प्रार्थी के माथे पर सिंदूर का तिलक लगवा दिया। प्रार्थी द्वारा इस प्रक्रिया का कड़ा विरोध करने और यह कहने पर कि वह इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं है और न ही उसने अपने परिवार को सूचित किया है, जशपाल के परिजनों ने उसे "पक्की सगाई" का नाम देकर जबरन फोटो खींच ली। जब जशपाल प्रार्थी को वापस छोड़ने आया तो प्रार्थी के चचेरे भाई राहुल ने उन्हें देख लिया, जिसके बाद प्रार्थी के पिता व भाई ने जशपाल को रोककर उसे भविष्य में कोई भी संपर्क न रखने की सख्त हिदायत दी और प्रार्थी को भी समझाया, जिस पर प्रार्थी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए जशपाल से नाता तोड़ लिया, परंतु डर के कारण उसने उस दिन जशपाल के घर हुई जबरन रस्मों (शगुन) के बारे में अपने माता-पिता को कुछ नहीं बताया। लगभग एक वर्ष तक कोई संपर्क न रहने के पश्चात, हाल ही में जशपाल की माता प्रार्थी के गांव स्थित आंगनवाड़ी में आई और प्रार्थी को वहां बुलाकर सार्वजनिक रूप से उसे अपनी "बहू" बताया, जिसका प्रार्थी और उसके साथ मौजूद ताई व अन्य महिला ने कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट कर दिया कि उन्हें यह रिश्ता किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। इस पर जशपाल की माता ने प्रार्थी के परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए कहा कि उनके पास प्रार्थी की पुरानी तस्वीरें मौजूद हैं जिन्हें वे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे और प्रार्थी की निजी इंस्टाग्राम तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ (Editing) कर जशपाल की फोटो जोड़कर उसे बदनाम कर देंगे। साथ ही, उन्होंने यह धमकी भी दी कि यदि जशपाल ने कोई आत्मघाती कदम उठाया या जहर खा लिया, तो वह प्रार्थी के पूरे परिवार को हत्या के मुकदमे में जेल भिजवा देगी। प्रार्थी ने स्पष्ट किया है कि उसका जशपाल से अब कोई लेना-देना नहीं है और वह उससे शादी नहीं करना चाहती, अतः जशपाल की माता की इन धमकियों और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना या फोटो वायरल करने की स्थिति में उनके विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही की जाए ताकि प्रार्थी और उसका परिवार सुरक्षित रह सके।

Downloads

ब्राह्मण व्यक्ति द्वारा दलित समुदाय का रास्ता रोकना Dadyar

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Date of incident: 09-06-2023
  • Create date: 20-04-2026
  • State:: Himachal Pradesh
  • District:: UNA(DP)
  • Police station:: Bangana
  • Chargesheet:: No
  • Summary::

    यह घटना जिला ऊना की है . जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव डडयार डाकघर तनोह, तह बंगाणा, जिला ऊना हि०प्र० की है इस गांव में चमार जाति 50 घर, ब्राहमण जाति के 2 घर राजपूत जाति के 2 घर कुम्हार जाति के 2 घर व् कबीर पंथी समाज के 8 घर है यह गांव तहसील बंगाणा से लगभग 13 कि०मी०की  दुरी पर है.इस गांव की  दलित बस्ती के  लिए रास्ते की समस्या 59 वर्ष से चली आ रही है.  इस गांव की दलित बस्ती को आने जाने के लिए कागजों में कुल 3 मीटर चौड़ा रास्ता है. पर मुख्य सडक से 20 मीटर पक्का रास्ता आगे बस्ती की तरफ आने के बाद गांव के ही राजेश कुमार शर्मा स्पुत्र सुहडू राम शर्मा ने कई बार इस रास्ते में बाड़ लगा दी है और उसका कहना है की यह उसकी मलकियत है और वह इस रास्ते को पका नहीं होने देगा और ना ही इस रास्ते से किसी को आने जाने देगा लगभग डेड वर्ष पहले इस डडयार गांव के आठ घरों में आग लग गई थी पर इस उक्त राजेश कुमार के परिवार ने फायर वर्गेड की गाडी व SDM बंगाणा की गाडी आगे नहीं जाने दी थी जिस कारण घर पूरी तरह से जल कर राख हो गए थे इस रस्ते बंद के चलते एक व्यक्ति की म्रत्यु भी हो चुकी है गांव बासी बाड़ लगाने उपरांत जिला ऊना में प्रशासन के पास चकर काटते है तब वह बाड़ हटा देता है पर फिर थोड़े समय बाद बाड़ लगा देता है. वह हर वक्त बस्ती के लोगों को जाति सूचक गालियाँ निकालता रहता है हमारा शासन प्रशासन से अनुरोध है की इस रास्ते की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए वह इस रास्ते को पक्का किया जाए. क्योंकि इस बस्ती के लिए दो रास्ते लगे हुए है और राजस्व भू विभाग में दर्ज है और दोनों गैर मुमकिन है सरेआम रास्ता है खसरा न० 361 पर राजेश कुमार शर्मा स्पुत्र सुहडू राम शर्मा ने अपना मकान बना लिया है और फसल बीज रखी है और दूसरा रास्ता खसरा न० 358 जो की तीन मीटर चौड़ा है और पुश्तों से बस्ती के लोग उस पर आ जा रहे है पर उसको व बंद कर देता है.

Downloads

No downloads available

मंद बुधि दलित युवक की बिजली के खम्बे के साथ बांधकर पिटाई at Dulehar

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Date of incident: 30-03-2022
  • Create date: 12-06-2026
  • State:: Himachal Pradesh
  • District:: UNA(DP)
  • Police station:: Haroli
  • Chargesheet:: No
  • Summary::

                    यह घटना जिला ऊना की तहसील हरोली के गाँव दुलैहड़ यह कि  इस गांव में  आकाश उर्फ़ शानू पुत्र स्व: सुखदेव सिंह रहता है. जिसकी उम्र 26 वर्ष की है. अपने पिता के स्वर्ग वास होने के बाद व अपने नाना श्री स्वर्ण सिंह के घर गांव दुलैहड़ अपनी दलित बस्ती में रहता है. व् गोंदपुर जयचन्द की एक साबुन की फैक्ट्री में काम करता है वह दिनाक 30.03.2022 को फैक्ट्री से प्रातः रात की ड्यूटी करने उपरान्त छुट्टी के बाद करीब सुबह 7:30 बजे अपनी साइकिल पर घर आते समय जब रास्ते में गांव भंडीयारां गेलो के घर के नजदीक पहुंचा तो रानू वकील ने आकाश को  रोका और कहा की तेरे से कोई बात पूछनी है और उसको साइकिल से उतार कर उसकी साइकिल सडक पर गिरा दी और उसे सडक किनारे पर ही पकड कर और लेटा कर बुरी तरह डंडों से पीटना शुरू कर दिया. उसके बाद उसे रानू वकील व् वहां मौजूद बलबिन्दर सिंह बिल्ला, अशोक राणा, सबने रस्सा लेकर उसे सड़क के किनारे बिजली के खम्बे के साथ बाँध दिया और डंडे, मुक्को, लातों से बुरी तरह पीटते रहे, रानू वकील ने उसकी वायी वायु पर डंडे मारे जिस वजह से उसकी वायीं वायु टूट गई और काम करना बंद कर गई.

     वहा पर मौजूद गोलों, अशोक राणा की लड़की ने भी उसे बहुत मारा. करीब आधा घंटा तक उसे खम्बे से ही बांधे रखा फिर पुलिस मौका पर आई और पुलिस के कहने पर उन्होंने उसे खम्बे से खोला.   

    जब वह उसे जबरन मारपीट रहे थे तो उसने रोते हुए अपना कसूर पूछा की मुझे क्यों मार रहे हो तो उन्होंने कहा की तू साले आते जाते हुए हमारी ओरतों की तरफ देखता हैं. उन्होंने आकाश की जेब से उसका फोन निकाला और उसका फोन भी बुरी तरह से तौड दिया. उसके बाद उसे पुलिस चौकी टाहलीवाल ले गए पुलिस ने उसका मेडिकल करवाया उसके बाद पुलिस चौकी में ही उसे उपरोक्त व्यक्तियों ने डरा कर समझोता पर  हस्ताक्षर करवा लिए आकाश डाक्टर को बार बार कहता रहा की मुझे शरीर पर लगी चोटों की बहुत पीड़ा हो रही है मेरा उपचार करवा दो लेकिन डाक्टर ने पहले X Ray करवाने की सलाह दी. परन्तु X Ray नहीं होने दिया. असहनीय पीड़ा की वजह से उसे उसकी मासी ने मेहतपुर बंसल अस्पताल में भर्ती करवाया. इस अस्पताल में उसका उपचार व् वायीं वायु का ओपरेशन हुआ और उसकी वायु में पलेंते पड़ी है. दलित जाति का जानते हुए उपरोक्त सभी सवर्ण जाति के दोषीगण ने उसको जबरन रास्ता रोक कर इक्कठे होकर बाँध कर मारपीट करके उसके साथ अत्याचार किया  व् उसकी यह दुर्दशा की है.

Downloads

No downloads available

सिरमौर के चांदनी गाँव में अनुसूचित जाति परिवार पर हिंसक हमला ‘भूमि विवाद’ नहीं, दबंगों द्वारा खुले आम गुंडागर्दी और ज़मीन पर कब्ज़ा!

  • Posted by: Centre for Mountain Dalit Rights Himachal Pradesh
  • Date of incident: 16-09-2020
  • Create date: 10-05-2021
  • State:: Himachal Pradesh
  • District:: SIRMAUR(DP)
  • Police station:: Purwala
  • Chargesheet:: yes
  • Summary::

    जगिया राम पिता नैन सिंह और उनकी पत्नी संतोष देवी गांव चांदनी (डाकघर भ्रगो बनेडी, तहसील कमरऊ, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) में अपने दोबेटों के साथ निवास करते हैं. परिवार अनुसूचित जाति  (कोली) से सम्बन्ध रखता है. अक्टूबर 2016 में जगियाराम ने अपने भाई के नाम पर एक सामान्य जाति के व्यक्ति मोहन सिंह से गांव से सतोण सड़क मार्ग पर 1 बीघा 9 बिस्वा भूमि खरीदी थी. जगिया राम के भाई की सहमति से बैंक लोन लिया और जमीन की निशान देही करवाई तभी पत्थर पर सफेदी करके उन्होंने अपनी भूमि की सीमा बाँधी थी. जगिया राम ने उस भूमि पर  JCB  के माध्यम से भूमि समतल करवाने का काम शुरू किया. उनका कहना है कि तभी से सामान्य जाति से सम्बन्ध रखने वाले एक  परिवार के अनिल कुमार,  कुलदीप, सोनसिंह, सुरिंदर, प्रकाश ने हमारी खरीदी गयी भूमि पर जबरन अपना कब्ज़ा जताना शुरू कर दिया. “जब से हमने ये भूमि खरीदी है तब से इस परिवार ने हमारे साथ लड़ाई करना शुरू किया और यह दावा किया कि  सड़क से लगती भूमि उनकी मल्कियत की ज़मीनहै” जगियारामनेबताया.

    सोमवार 16 सितम्बर 2020 समय दोपहर 11 बजे करीब अनिल कुमार, कुलदीप, सोन सिंह, सुरिंदर, प्रकाश और उनके परिवार की कुछ महिलाओं ने जगिया राम की भूमि पर कांटेदार तार-बाड़ व लोहे के खम्बे लगाने का काम लगा दिया .जागिय राम की पत्नी संतोष  ने बताया कि “जैसे ही हमें कुछ आवाजें आने लगीं तो मैं और मेरे पति मौके पर पहुंचे और यह देखा तथा उनको तार लगाने से रोका. उन्होंने उसी वक्त हिंसक तरीके से प्रातक्रिया दी और गाली गलौच कर हम पर हमला कर दिया. अनिल ने अपने साथ ली तलवार से मेरे पति पर वार करने की कोशिश की और बचाव में उन्होंने हाथ आगे किया तो वार उनकी ऊँगली पर हुआ जो कट गयी. परिवार की महिलाएं इस मार पीट में शामिल नहीं थी पर पुरुष थे और वो उनके साथ भी घुसा-लात करने लगे, उनके कपडे फाड़ दिए, उनको निजी अंगों पर कहुआ और बाल पकड़ कर घसीटने लगे”.सोमवार 16 सितम्बर 2020 समय दोपहर 11 बजे करीब अनिल कुमार, कुलदीप, सोन सिंह, सुरिंदर, प्रकाश और उनके परिवार की कुछ महिलाओं ने जगिया राम की भूमि पर कांटेदार तार-बाड़ व लोहे के खम्बे लगाने का काम लगा दिया .जागिय राम की पत्नी संतोष  ने बताया कि “जैसे ही हमें कुछ आवाजें आने लगीं तो मैं और मेरे पति मौके पर पहुंचे और यह देखा तथा उनको तार लगाने से रोका. उन्होंने उसी वक्त हिंसक तरीके से प्रातक्रिया दी और गाली गलौच कर हम पर हमला कर दिया. अनिल ने अपने साथ ली तलवार से मेरे पति पर वार करने की कोशिश की और बचाव में उन्होंने हाथ आगे किया तो वार उनकी ऊँगली पर हुआ जो कट गयी. परिवार की महिलाएं इस मार पीट में शामिल नहीं थी पर पुरुष थे और वो उनके साथ भी घुसा-लात करने लगे, उनके कपडे फाड़ दिए, उनको निजी अंगों पर कहुआ और बाल पकड़ कर घसीटने लगे”.

Downloads

Total Visitors : 14228049
© All rights Reserved - Atrocity Tracking and Monitoring System (ATM)
Website is Managed & Supported by Swadhikar