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पंचायत चौकीदार की बार्ड पंच द्वारा पिटाई व जाति सूचक गाली गलोच Shetran

    यह घटना जिला ऊना की तहसील हरोली की पंचायत छेत्रां के गाँव वीदड्वाल की है. इस गांवके बार्ड नंबर 4 में प्रमोद कुमार स्पुत्र स्व: कुंदन लाल जाति भन्झडा (SC) रहता है जिसकी उम्र 53 वर्ष की है और वह छेत्रां पंचायत में चौकीदार के रूप में नियुक्त है. ग्राम पंचायत बीदडवाल (क्षेत्रां) के पंचायत घर परिसर में घटित अत्यंत निंदनीय, अमानवीय तथा गंभीर आपराधिक घटना के विस्तृत घटनाक्रम के अनुसार, दिनांक 16 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:10  बजे पीड़ित प्रमोद कुमार पुत्र श्री कुंदन लाल (उम्र लगभग 53 वर्ष), निवासी गांव व डाकघर बीदडवाल, तहसील हरोली, जिला ऊना (हिमाचल प्रदेश), जो कि भंजड़ा (अनुसूचित जाति) समुदाय से संबंध रखते हैं, अपनी आधिकारिक शासकीय जिम्मेदारी के तहत पंचायत घर क्षेत्रां के अंदर पूरी निष्ठा के साथ चौकीदार के पद पर ड्यूटी पर तैनात थे, तभी उसी दौरान वार्ड नंबर 01 का वार्ड पंच कुलदीप कुमार पुत्र श्री रमेश चंद नशीली वस्तु (जर्दा/तंबाकू) का सेवन करते हुए अनाधिकृत एवं अभद्र रूप से पंचायत कार्यालय के भीतर दाखिल हुआ, जिस पर ऑन-ड्यूटी पंचायत चौकीदार प्रमोद कुमार ने बेहद शालीनता एवं अपने पदीय दायित्व का निर्वहन करते हुए आरोपी को पंचायत घर के अंदर नशीली वस्तु का सेवन करने तथा अनुशासनहीनता फैलाने से रोका, लेकिन इस जायज रोक-टोक से बौखलाकर आरोपी कुलदीप कुमार ने आपा खो दिया और बिना किसी उकसावे के अचानक अत्यंत आक्रामक होकर ऑन-ड्यूटी कर्मचारी प्रमोद कुमार के साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी, जिसमें आरोपी ने पीड़ित को लात-थप्पड़ों से बेदर्दी से पीटते हुए विशेष रूप से उनकी बाईं बाजू को निशाना बनाकर गंभीर चोटें पहुंचाईं—यह जानते हुए भी कि पीड़ित की बाईं बाजू में पूर्व में हुए एक गंभीर फ्रैक्चर के कारण मेडिकल रॉड (सर्जिकल रॉड) पड़ी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक प्रहार के कारण उनकी वह बाजू पूरी तरह से हिल गई और वे असहनीय दर्द से कराह उठे, और इसी दौरान आरोपी ने सरेआम जातिसूचक एवं अत्यंत अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए पीड़ित की जातिगत पहचान का मज़ाक उड़ाया और कहा कि “तू भंजडा है, तू मुझे नहीं रोक सकता” तथा सरेआम जलील कर गंभीर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी एवं भविष्य में जान से खत्म करने की प्रत्यक्ष धमकियां भी दीं; इस पूरी शर्मनाक एवं आपराधिक घटना के दौरान मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों जैसे रोशन लाल (पुत्र श्री जगदेव सिंह) ने हस्तक्षेप कर पीड़ित को आरोपी के चंगुल से बचाया, जबकि आरोपी कुलदीप कुमार पीड़ित को भविष्य में किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाने और जान से मार देने की खुली धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया, हालांकि यह पूरी घटना पंचायत कार्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों में भी दर्ज हो गई; घटना के तुरंत बाद जब पीड़ित प्रमोद कुमार अपनी शिकायत दर्ज कराने हेतु ग्राम पंचायत प्रधान के साथ हरोली पुलिस थाने पहुंचे, तो पुलिस प्रशासन की अत्यंत निराशाजनक व उदासीन कार्यप्रणाली देखने को मिली, जहाँ पंचायत प्रधान के साथ मौजूद रहने के बावजूद पुलिस द्वारा पीड़ित की प्राथमिक सूचना (FIR) दर्ज नहीं की गई और पीड़ित को बिना किसी ठोस वजह के लगभग 4 घंटे तक थाने में ही बिठाकर रखा गया, जिसके पश्चात मामले की सूचना मिलने पर NCDHR (राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान) के राज्य महासचिव राज महें ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए हरोली थाने के मुंशी को फोन कर पुलिस की लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया और सख्त हिदायत दी, जिसके दबाव के बाद ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तब जाकर रात लगभग 7:37 बजे पीड़ित प्रमोद कुमार की आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज की जा सकी; घटनाक्रम का यह पक्ष अत्यंत चिंताजनक एवं संवेदनशील है कि पीड़ित प्रमोद कुमार के ऊपर पूर्व में वर्ष 2019 में भी तलवारों व धारदार हथियारों से जानलेवा हमला हो चुका है, जिसमें वे चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बचे थे, और अब वर्ष 2026 में ऑन-ड्यूटी के दौरान एक जनप्रतिनिधि (वार्ड पंच) द्वारा उन पर पुनः हमला किया गया यह हिंसक व बर्बर हमला उनके जीवन की सुरक्षा के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा पैदा करता है और यह घटना न केवल संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है बल्कि संपूर्ण समाज व प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी बेहद निंदनीय एवं चिंताजनक है; इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए NCDHR (राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान) की राज्य स्तरीय फैक्ट फाइंडिंग टीम ने राज्य महासचिव राज महें की अगुवाई में बीदडवाल पंचायत घर का दौरा कर मौका-ए-वारदात का गहन निरीक्षण किया, गवाहों के बयान दर्ज किए और पुलिस थाना हरोली में दर्ज प्राथमिकी संख्या 0091/2026 (धारा 3(1)(r), 3(1)(s) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा धारा 115(2), 351(3) भारतीय न्याय संहिता) के तहत त्वरित एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपी वार्ड पंच कुलदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से उसके पद से निष्कासित करने, उसकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा पीड़ित एवं उनके परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व कानूनी न्याय प्रदान करने की पुरजोर सिफारिश की है। 

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Fact finding date: 21-07-2026
  • Date of Case Upload: 24-07-2026

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दलित छात्र के साथ मारपीट व जबरन स्कुल से नाम काट देना Santokhgarh

    यह घटना हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के गांव संतोषगढ़ की है और यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव के वार्ड नंबर 3 के निवासी मदनलाल, जो कि अनुसूचित जाति (चमार जाति) से संबंध रखते हैं तथा पेशे से एक साधारण दुकानदार हैं, का 15 वर्षीय बेटा रामदयाल सनातन धर्म एसडी (सनातम धर्म) पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, संतोषगढ़ में पहली कक्षा से लेकर दसवीं कक्षा तक का एक अत्यंत अनुशासित, ईमानदार व होनहार छात्र रहा है। आज दिन तक स्कूल प्रशासन द्वारा मदनलाल को रामदयाल के आचरण या पढ़ाई के विषय में कभी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। परंतु 20 मई 2026 को अचानक मदनलाल को फोन पर सूचना मिली कि उनके बेटे का नाम स्कूल से काट दिया गया है। जब वे तुरंत स्कूल पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि उनके बेटे को एक अन्य प्रवासी लड़के के साथ क्लास से बाहर खड़ा किया गया था। स्कूल के अनुशासन का सम्मान करते हुए मदनलाल ने आवेश में आकर अपने ही बेटे को दो थप्पड़ लगा दिए। तत्पश्चात जब वे प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) के कक्ष में मिलने गए, तो प्रधानाचार्य ने उनके साथ अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा बिना किसी सबूत, लिखित शिकायत या ठोस आधार के 10वीं कक्षा के इस मासूम छात्र पर "गैंगस्टर" व "गुंडा" जैसे गंभीर व झूठे आरोप लगा दिए। लाचार पिता ने प्रधानाचार्य के पैर पकड़कर मिन्नतें कीं और बार-बार प्रार्थना की कि यदि उनके बेटे की कोई गलती है तो उसका लिखित प्रमाण या सीसीटीवी फुटेज दिखाया जाए, लेकिन प्रधानाचार्य ने कोई भी प्रमाण देने से साफ मना कर दिया और केवल मौखिक आरोप लगाते रहे। इसके बाद जब मदनलाल ने स्कूल के अन्य बच्चों व अभिभावकों से बातचीत की, तो किसी ने भी रामदयाल के खिलाफ कोई शिकायत होने की बात नहीं कही। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद स्कूल में एक महीने की छुट्टियां हो गईं। छुट्टियां समाप्त होने के उपरांत भी पीड़ित पिता मदनलाल लगातार प्रधानाचार्य से मिलकर बच्चे के उज्ज्वल भविष्य और पढ़ाई के नुकसान की दुहाई देकर उसे वापस दाखिला देने की गुहार लगाते रहे, परंतु प्रधानाचार्य अपने अड़ियल एवं रसूखदार रवैये पर अड़े रहे और उसे 10वीं जैसी महत्वपूर्ण बोर्ड कक्षा में वापस लेने से साफ मना कर दिया। स्कूल प्रशासन की इस मनमानी, अनुचित व पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से हताश होकर तथा छात्र के भविष्य को बर्बाद होने से बचाने हेतु पीड़ित पिता द्वारा इस पूरे घटनाक्रम और प्रधानाचार्य के रवैये को लेकर जिला उपायुक्त महोदय, ऊना को 14 जुलाई को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा गया। 

  • Posted by: NCDHR- NDMJ, Himachal Pradesh
  • Fact finding date: 14-07-2026
  • Date of Case Upload: 24-07-2026

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scheduled caste persons beaten by same villagers Dominant and general caste peoples

    In Bochanahalli village, Koppal Taluk, Koppal District, on 26 June 2026, people from all communities had gathered to celebrate the occasion of Moharram together. During the celebrations, a person belonging to the Kuruba community, who was allegedly under the influence of alcohol, stumbled and fell onto members of the Scheduled Caste (Madiga community).


    At that time, Yamanappa, a member of the Madiga community, said, "Why are you drunk and falling onto our boys? Please go over there." Following this, a verbal altercation broke out between members of the Madiga community and people from other communities present at the celebration. After the argument, the members of the Madiga community returned to their homes.


    On the following day, 27 June 2026, members of the Muslim, Kuruba, Achari, and Uppara communities and mainly Valmiki communities allegedly gathered together and surrounded the Madiga locality (Scheduled Caste street), shouting loudly. Hearing the commotion, two 16-year-old boys from the Madiga community came out of their house to see what was happening. They were allegedly assaulted by members of the other communities.


    At the same time, other residents of the Madiga community who came outside to find out the reason for the disturbance were also allegedly assaulted. It is alleged that Mansoor, along with others and of his own volition, physically attacked and beat the members of the Madiga community.

  • Posted by: National Dalit Movement For Justice - NDMJ Karnataka
  • Fact finding date: 12-07-2026
  • Date of Case Upload: 24-07-2026


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1) FIR 

Dominate Caste persons Enter to scheduled caste family home and attacked

    Case details is not available
  • Posted by: National Dalit Movement For Justice - NDMJ Karnataka
  • Fact finding date: Not recorded
  • Date of Case Upload: 15-07-2026

Caste based assult and threat life and property of Kiran Satish Shinde

    On 25 November 2024, between 11:00 AM and 11:20 AM, Kiran Satish Shinde, age 22, and his family, residents of Kapilapuri, Paranda Taluka, Dharashiv District, were verbally and physically assaulted by a group of individuals from the village, including Rajkumar Jain, Jaykumar Jain, Bhartesh Awani, Jayghosh Jain, Kishor Awani, Vaibhav Awani, Nabiraj Awani, Bahubali Masalkar, Jitendra Vasgadekar, Anil Vasgadekar, Ranjit Rajkumar Jain, and Jagdish Jain.


    The attack occurred after Kiran and his family exercised their right to vote against the assailants' preference in the assembly elections. The accused hurled casteist abuses against the Matang community, struck Kiran with iron rods causing injuries to his head, left elbow, and back, and forcibly entered the house. They assaulted his mother Mohini and aunt Rekha, pulled Mohini's saree, damaged household items, and threatened to burn down the house.


    The attack was interrupted by local villagers, including Avinash Masgude, Appa Masgude, and Omkar Mane, who rescued the family. Kiran and his family received medical treatment at the Sub-District Hospital, Paranda, and a complaint was filed at Paranda Police Station.


    The incident constitutes a targeted, caste-based assault with threats to life and property.

  • Posted by: NDMJ - Maharastra
  • Fact finding date: 05-01-2026
  • Date of Case Upload: 10-07-2026


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1) Caste based assult and threat life and property of Kiran Satish Shinde 
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