
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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यह घटना जिला ऊना की तहसील बंगाणा के गांव रायेपुर मैदान की है। इस गांव में पीड़िता सुमन देवी पत्नी राजेशा कुमार, जिनकी आयु वर्तमान में 40 वर्ष है और जिन्होंने केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है, अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए पूर्णतः घरेलू जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनके कुल चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां (क्रमशः 21 वर्ष, 18 वर्ष और 15 वर्ष) और एक 5 वर्ष का सबसे छोटा बेटा शामिल है। उनके पति राजेश कुमार आजीविका कमाने के लिए विदेश में रहते हैं, जिन्हें साल 2023 में गांव के ही सुनील कुमार उर्फ सोनू (पुत्र राम आसरा, निवासी बडौर) ने पैसे लेकर वीजा लगवाया और विदेश भिजवाया था। पति के विदेश जाने के कुछ ही समय बाद, आरोपी सुनील कुमार ने सुमन देवी की कम शिक्षा और अकेलेपन का फायदा उठाने की नीयत से उनके मोबाइल नंबर पर अश्लील मैसेज भेजने और वीडियो कॉल के माध्यम से अभद्र व गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया।जब सुमन देवी ने इस अनैतिक व्यवहार का कड़ा विरोध किया और आरोपी को साफ शब्दों में कहा कि वे एक संस्कारी महिला हैं और उन्होंने उसके सारे पैसे भी वापस कर दिए हैं, तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि उसने ही उनके पति को विदेश भेजा है और वह जब चाहे उन्हें वापस बुला सकता है।इसके बाद आरोपी ने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और इनकार करने पर दुर्भावनापूर्वक सुमन देवी की तस्वीरों को एडिट करके इंटरनेट पर वायरल कर दिया तथा झूठे तथ्यों के साथ उन तस्वीरों को उनके पति राजेश कुमार को भेज दिया ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके. इंटरनेट पर फोटो देखने के बाद, उनके पति ने उन पर गंभीर संदेह करना शुरू कर दिया। सुमन देवी ने अपने पति को आरोपी की इस घिनौनी साजिश और नाजायज दबाव के बारे में सब कुछ सच-सच बताया, लेकिन आरोपी द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण उनके पति हर समय उन पर शक करने लगे और उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित करने लगे, जिससे सुमन देवी का घरेलू जीवन पूरी तरह नरक बन गया।
इस मानसिक और पारिवारिक उत्पीड़न के बीच, आरोपी सुनील कुमार उर्फ सोनू की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसने सुमन देवी के साथ-साथ उनके बुजुर्ग ससुर को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया ताकि परिवार को पूरी तरह तोड़ा जा सके। दिनांक 18 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे, जब सुमन देवी के ससुर हमेशा की तरह पशुशाला की तरफ जा रहे थे, तो आरोपी सुनील कुमार ने रास्ते में उनकी गाड़ी रोक ली और उनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी।आरोपी ने ससुर को सरेआम अपमानित करते हुए उनके लिए "चमार" जैसे घोर जातिसूचक शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया और समाज में उनकी औकात दिखाने की बात कही।इस घटना के दौरान जब उनके ससुर ने आरोपी को ऐसी नीच हरकतें करने और जातिसूचक गालियां देने से रोका, तो वहां मौजूद राजीव उर्फ कालू की उपस्थिति में भी आरोपी ने कोई शालीनता नहीं दिखाई और पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी देता रहा।एक तरफ पति द्वारा लगातार किया जा रहा मानसिक उत्पीड़न व शक का माहौल, और दूसरी तरफ आरोपी द्वारा उनके ससुर को दी जा रही जातिसूचक प्रताड़ना—इन सभी असहनीय परिस्थितियों से तंग आकर जब कोई रास्ता नहीं बचा, तब इस गंभीर घटना की सूचना मिलने पर 'नेशनल कैंपेन ऑन दलित ह्यूमन राइट्स' (NCDHR) की टीम ने मौका पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। NCDHR की टीम ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर पीड़िता सुमन देवी का विस्तृत बयान लिया और मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) व थाना प्रभारी (SHO) से मुलाकात की। NCDHR टीम के इस कड़े हस्तक्षेप और कानूनी समझ के बाद, अंततः पुलिस प्रशासन हरकत में आया और थाना बंगाना (जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश) में आरोपी सुनील कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 351(2) (आपराधिक धमकी) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) (सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक अपमान व प्रताड़ना) के तहत यह आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज करवाई गई.
यह घटनाक्रम जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलो मीटर दूर स्थित जिला व तहसील ऊना की ग्राम पंचायत सुनेहरा, गाँव सुनेहरा, डाकघरव तहसील व जिला ऊना हि०प्र० पिन कोड 174303 का है, जहाँ विभिन्न जातियों (35 घर ब्राह्मण, 40 घर चमार, 40 घर बाती, 12 घर सुरेहडा और 2 घर राजपूत) का आपसी निवास है। इसी गाँव में दलित समाज की जाति सुरेहडा में से सतनाम कौर (उम्र 45 वर्ष, अनपढ़), पत्नी स्वर्गीय देवी सिंह, अपने तीन बच्चों (दो बेटियां, एक बेटा) तथा अपने देवर के परिवार (देवरानी जसबीर कौर) के साथ पिछले करीब 70 वर्षों से संयुक्त रूप से रह रही है। जिस ज़मीन पर सतनाम कौर रहती है इस ज़मीन (खसरा नंबर 642, 643, 642/1) को मूल रूप से सतनाम कौर के ससुर भगत सिंह (उम्र लगभग 92 वर्ष), सुपुत्र फुम्मन सिंह ने चरणदास नामक व्यक्ति से खरीदकर और कुछ हिस्सा हिमाचल सरकार से प्राप्त करके कड़ी मेहनत से आबाद किया था। वर्ष 1982 में, जब सतनाम कौर इस घर में ब्याह कर आई थीं तब उनके कच्चे मकान के बिल्कुल सामने से मुख्य मार्ग बड़हाला तक एक कच्चा रास्ता जाता था। इसी वर्ष 1982 में उनके घर से मात्र 10 मीटर की दूरी पर अवादा बराना, सुनेहरा, से होते हुए बड़हाला मुख्य मार्ग तक एक पक्की सड़क का निर्माण हुआ, जिसके बाद उनके घर के ठीक सामने वाला पुराना कच्चा रास्ता बंद हो गया और वहाँ खाली ज़मीन शेष रह गई। इस शांतिपूर्ण स्थिति के बीच, अक्टूबर 2025 में पीड़िता के परिवार को अचानक पता चला कि उन्हीं के गाँव के ब्राह्मण जाति के एक व्यक्ति सतीश कुमार, सुपुत्र सालगराम ने राजस्व विभाग (Revenue Department) के बंदोबस्त अधिकारियों और SO (Settlement Officer) धर्मशाला के माध्यम से कथित रूप से मिलीभगत करके उनके घर के सामने वाली उसी खाली ज़मीन को धोखे से अपने नाम करवा लिया है। इस कागज़ी हेरफेर के बाद से आरोपी सतीश कुमार लगातार पीड़िता सतनाम कौर, उनकी देवरानी जसबीर कौर और पूरे परिवार को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है; वह धमकी दे रहा है कि या तो इस सामने वाली ज़मीन का ₹1,00,000 प्रति मरला के हिसाब से भुगतान करो, अन्यथा वह इस जगह को घेरकर उनका रास्ता बंद कर देगा। इतना ही नहीं, सतीश कुमार दुर्भावनापूर्वक उनके घर के आगे स्थित पशुशाला के मालिक जोगिंदर चंद, सुपुत्र पृथ्वी चंद को भी यह कहकर गुमराह और भड़का रहा है कि उसकी ज़मीन सतनाम कौर के घर के अंदर 2 मीटर तक आती है, जबकि सरकारी कागज़ात में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। वर्तमान में, आरोपी सतीश कुमार पूरी तरह से गैर-कानूनी ढंग से, तानाशाही रवैया अपनाते हुए सतनाम कौर के पैतृक घर के आगे की ज़मीन पर जबरन कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहा है और एक अनपढ़, विधवा महिला व उसके संयुक्त परिवार को दिन-रात बुरी तरह से प्रताड़ित व परेशान कर रहा है।
The victim of the incident is the father of the deceased victim. The deceased victim was studying in class 9th and was staying with her younger sister in Kasturba Girls Hostel. Magasvargıya Girls Colony (Hostel) Latur The victim complainant lives with her family of three daughters, one son, wife and parents in Naigaon, Tehsil Chakur, District Latur. The victim and her daughter and younger sister, who are 11 years old, came to stay in the hostel in June 2023 A few days after that, the hostel owner Asha Sadashiv Gutte and her sons Viddatthal Sadashiv Gutte and Shankar Sadashiv Gutte called the victim to the office at night and molested her and threatened her not to tell anyone and also threatened to kill both the sisters. Because of that, the victim did not tell anything to anyone. The victim used to visit his daughters once im two months. Similarly, when he went to meet them in April 2024, the daughter told the entire truth to her father When the victim went to ask this to the operator, she threatened to take him to the police by making dirty allegations against him, so the victim kept quiet out of fear A few days after that incident, the victim told her father on the phone to take her away from here immediately as she was being tortured a lot here. So the father told him to come and take her soon. On the night of the incident, both the accused called him to their room and when he refused to go, they beat him up and sexually tortured the victim and killed her by throwing her from the top of the building. And they also threatened the victim's younger sister that if she told anyone, they would do the same to her and throw her from the top.
Lakkavva Basavaraju Gaikwad, age 38, lives in Devpurahatti village in Rayabhaga taluk of Belgaum district. He belongs to the Hindu Ganti caste, a Scheduled Caste nomadic community. He has two daughters and one son along with three children. The first of them, Swathi Basavaraju Gaikwad, aged 14, is studying in class 8. On 27/02/2026, at around 8:30 in the morning, Swathi Basavaraju Gaikwad, the daughter of Lakkavva Basavaraju Gaikwad, was lighting a pot outside her house. Then, in front of her, residing in the same village of Devpura Hattia, a 28-year-old youth named Hanumant Siddarama Maleda, belonging to the Kuruba community of the house, came driving a Bolero drunk. He got down from his car in a drunken state and watched as Swathi Basavaraju Gaikwad was lighting the pot. Then, the accused Hanumant ran to Swathi, grabbed Swathi's hand and dragged her away. Swathi screamed loudly in fear. At that time, Swathi's mother was working inside the house. When Swathi heard her screaming, she ran and saw her. Hanuman keeps saying that his hand is worth a lot. At that moment, Lakkava is shocked and he also shouts, "Leave my daughter." Then Hanuman, the accused, grabs Lakkava's hand, pulls her, tears her clothes, tears her panties, and beats her violently. Later, a case is registered in Raibagh taluk of Belgaum district on the same day.