
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
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सेवा में,
श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय,
जनपद-वाराणसी
विषय: प्रार्थिनी व अन्य ग्रामवासियों द्वारा मनरेगा में काम न मिलने पर काम के सम्बन्ध में सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री अनिल कुमार मौर्य के माध्यम से सभी दलित मनरेगा श्रमिकों का मनरेगा में काम की मांग के संबंध में पत्र खंड विकास अधिकारी हरहुआ, वाराणसी को भेजने पर उनके द्वारा जनबूझकर व दलित विरोधी मानसिकता से गलत रिपोर्ट भेजने के संबंध में |
महोदय,
निवेदन है कि प्रार्थिनी दुर्गावती देवी पत्नी शिवकुमार निवासी ग्रा-पश्चिमपुर(चमाव) ब्लाक हरहुआ, पोस्ट व थाना-शिवपुर, जनपद वाराणसी की स्थाई निवासिनी हूँ व जाति की दलित (चमार) महिला हूँ | मैंने व मेरे साथ 93 दलित मनरेगा श्रमिकों ने काम न मिलने पर सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री अनिल कुमार मौर्य जी के माध्यम से मनरेगा में काम करने के लिए काम का मांग पत्र भरवाकर खंड विकास अधिकारी-हरहुआ, वाराणसी को पंजीकृत डाक से भेजवाया था | जिस पर सिर्फ मुझे व अन्य 63 लोगों को सिर्फ 5 दिन का ही काम मिला | 5 दिन के पश्चात रोजगार सेवक रूपनारायन के द्वारा यह कहते हुए काम बंद करा दिया गया कि अब काम नहीं है |
जब इसकी शिकायत सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री अनिल कुमार मौर्य जी के द्वारा उच्चाधिकारियों से की गयी तो खंड विकास अधिकारी हरहुआ, वाराणसी और ग्राम पंचायत अधिकारी पश्चिमपुर(चमाव), विकास खंड हरहुआ, वाराणसी द्वारा यह रिपोर्ट लगाया गया कि कुल 72 व 11 श्रमिकों को अलग-अलग 14 दिन का काम दिया गया था पर श्रमिकों ने 5 दिन काम करके छोड़ दिया | यह रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी हरहुआ, वाराणसी द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी पश्चिमपुर(चमाव), विकास खंड हरहुआ, वाराणसी से पूछताछ और अभिलेखों के अवलोकन के पश्चात लगायी गयी है | जबकि सत्यता यह है कि 5 दिन के पश्चात रोजगार सेवक के द्वारा ही काम बंद करा दिया गया इस बात का प्रमाण ग्राम पंचायत अधिकारी पश्चिमपुर(चमाव), विकास खंड हरहुआ, वाराणसी श्री अरुण वर्मा के द्वारा अपने मोबाइल नंबर 9935464631 से अनिल कुमार मौर्य के मोबाइल नंबर 9125040585 पर दिनांक 25.05.2016 की गयी वार्ता से भी साबित होता है जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग मोबाइल में उपलब्ध है | उपरोक्त दोनों अधिकारीयों के द्वारा प्रार्थिनी व अन्य 93 श्रमिकों के दलित (चमार) जाति का होने की वजह से अपमानित करने के लिए काम चोर साबित करने की नियत से जानबूझकर दलित विरोधी मानसिकता के कारण काम व उसके भुगतान के संबंध में गलत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गयी जोकि दलित अधिनियम का सीधे उल्लंघन व अपराध है जिसके संबंध में उपरोक्त के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही किया जाना आवश्यक व न्याय सांगत है | इस प्रार्थना पत्र के साथ प्रार्थिनी व अन्य 93 श्रमिकों द्वारा काम के संबंध में भेजा गया प्रार्थना पत्र व खंड विकास अधिकारी-हरहुआ, वाराणसी की रिपोर्ट संलग्न है | व अन्य दलित श्रमिकों के हस्ताक्षर/निशानी अंगूठा लगा पेज संलग्न है |
अत: श्रीमान जी से सादर अनुरोध है कि उपरोक्त लोगों के विरूद्ध संबंधित थाना शिवपुर, वाराणसी में जानबूझकर दलितों का अपमान करने, दलितों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट लगाने जिससे की दलितों का आर्थिक व मानसिक उत्पीडन हो व दलितों के प्रति अपने कर्तव्यों का सही से निर्वहन न करने के खिलाफ दलित अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही करने की कृपा करें |
संलग्न : 1-अनिल कुमार मौर्य द्वारा BDO-हरहुआ, वाराणसी को भेजे गए प्रार्थना पत्र की छायाप्रति (3 पेज)
2-BDO हरहुआ की जाँच रिपोर्ट (1 पेज)
3-अन्य दलित श्रमिकों के हस्ताक्षर/निशानी अंगूठा लगा पेज (2 पेज)
दिनांक : 23/07/2016 प्रार्थिनी
पता- ग्रा-पश्चिमपुर(चमाव) ब्लाक हरहुआ, पोस्ट व थाना-शिवपुर, जनपद वाराणसी-221003
दूरभाष-
यह घटना जिला ऊना की तहसील हरोली के गांव नंगल कलां की है. यह गांव ऊना से 25 कि०मि० की दुरी पर सिथत है. इस का गांव के साथ ही जिला ऊना का बहुत बड़ा फैक्ट्री ऐरिया टाहलीवाल है यहाँ पर बहुत सारी बड़ी फैक्ट्रियां है जिनमे हिमाचल व अन्य कई राज्यों से मजदूरी पर लोग काम करते है. वहीँ पर एक बहुत बड़ी दवाईयों की फैक्ट्री है जिसका नाम होस्टेस वायोटैक टाहलीवाल है. इस फैक्टी में पंजाब से नीलम कुमार पत्नी हरचरन सिंह उम्र 42 वर्ष जाति चमार है पिछले 6 वर्षों से काम कर रही है. जो की पंजाब से गांव खन्नी जेजों, डाकघर ललवाण, तहसील माहलपुर, जिला होशियारपुर पंजाब की पुश्तैनी रहने वाली है नीलम का पति भी टाहलीवाल में एक फैक्ट्री में काम करता है व दोनों ही वे औलाद है. और पिचले 6 वर्षो से नंगल कलां तहसील हरोली जिला ऊना में राजिंदर कौर के मकान में रह रहे थे.
12/06/16 को रात 8:30 बजे नीलम का पति रात की ड्यूटी के लिए घर से फैक्टी के लिए तेयार हुआ जैसे ही घर से बाहर आया तो बाहर राजिंदर कुमार जाति चमार गांव ललड़ी जो की समरित जीवन बीमा योजना का ऐजेंट है आया क्योंकि नीलम भी पार्ट टाइम बीमा योजना में काम करती है राजिंदर कुमार ने नीलम के पति से कहा की अंकल आंटी हैं घर पर? उनको बीमा की किश्ते देनी है. नीलम का पति इतना कह कर चला गया की हाँ बेटा घर पर ही है तुम जा आयो राजिंदर कमरे में बैठा था और नीलम उसके लिए चाय बनाने लगी तभी वहा पर दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट व सरदारा जाति जाट अपने 5-6 साथियों सहित आये और नीलम व राजिंदर को यह कह कर पीटने लग गए की तुम दोनों ने गंद फैला रखा है तुम दोनों गल्त ढंग से पकडे गए हो. राजिंदर कुमार को पीटते समय उन सब ने उसकी टीशर्ट फाड़ दी वह नीलम के कपडे भी फाड़ दिये जब वे सब नीलम को पीट रहे थे तो किसी ने उनकी पिटाई की वीडियो बनाई और नेट पर वाह्ट्स एप पर दाल दी रात 10:30 पर नीलम के पति को फैक्टी से बुलाया और दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट व सरदारा जाति जाट दोनों उसके साथ धका मुक्की करने लगे वह कहने लगे तेरी पत्नी को रंगे हाथ पकड़ा है. फिर दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट व सरदारा जाती जाट ने नीलम को कहा की पांच जुत्ते राजिंदर को लगायो तब हम इसे छोड़ेंगे फिर नीलम ने पांच जूते राजिंदर को लगाए तब उन्होंने राजिंदर को छोड़ा और नीलम व उसके पति को मकान खाली करने बारे कहा. दुसरे दिन नीलम व उसका पति हरोली सरकारी अस्पताल में गए और डाक्टर को अपनी घटना बताते हुए अपने जख्म दिखाए जिस पर डाक्टर शालू ने पुलिस को फोन किया और बताया की नीलम के साथ यह घटना घटी है और यह ब्यान देने के काबिल नहीं है फिर पुलिस की तरफ से आये उए केवल कुमार ने नीलम के ब्यान लिए और कोई भी कार्यवाही अमल ना लाइ. नीलम की मकान मालकिन ने नीलम को मकान खाली करने से माना कीया पर दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट व सरदारा जाति जाट ने दबाब बनाया की मकान खाली कर दो मकान मालकिन राजिंदर कौर विधवा जाति जाट की दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट व सरदारा जाति जाट के साथ कुछ पुरानी आपसी रंजिश है.
1/07/16 सुबह नीलम व उसका पति अपने मकान की सफाई कर रहे थे की आचानक वहां पर चंचला देवी पत्नी दिलबाग सिंह सिंह जाति जाट वहां पर आई और गालिया निकालने लगी की तुम इस मकान के क्या लगते हो. आज हम पंचायत करंगे. इतना कह कर वो चली गई व नीलम भी फैक्ट्री के लिए चली गई. इसी दिन साम 4 बजे के करीब कोई महिला नीलम के घर पर आई और उसके पति से कहने लगी के दिलबाग सिंह ने तुझे अपने घर में बुलाया है. नीलम का पति दिलबाग के घर में ना जाकर अपने घर से लगभग 1 कि०मी० की दुरी पर एक पुली (छोटा सा पुल) उस पर जाकर बैठ गया पर दिलबाग सिंह ने अपने चार आदमी भेजे और उसे थपड मारते हुए ले गए वहां पर काफी सारे लोग एकत्रित हुए थे सभी ने नीलम के पति को बेरहमी से पिटा जब नीलम फैक्ट्री से वापिस आ रही थी तो उसे किसी बूढ़े आदमी ने बताया की तेरे पति को पिटा जा रहा है. व तुरंत दिलबाग के घर के लिए गई उस समय शाम के 6:30 बजे हुए थे जब नीलम पर नीलम को रास्ते में ही उसका पति आता मिल गया और उसके मुहं से खून निकल रहा था. नीलम के पति ने बताया की उसको इस लिए पीटा गया की हमने दिलबाग बगैरा के खिलाफ पर्चा क्यों करवाया और झूठा इलजाम लगाया की नीलम के पति ने दिलबाग की माँ को गले से पकड़ा. नीलम के पति ने उसे यह भी बताया की मौके पर पुलिस भी मोजूद थी उन्होंने भी कोई कार्यवाही ना की और लिख कर ले लिया की 2/07/16 को कवाटर खाली कर दो. नीलम भरी बारिश में 2 तारिक को अपना कवाटर खाली किया और नंगल खुर्द में नये कवाटर में अपना सामान रखा. इस पूरी घटना पर पुलिस द्वारा कोई कार्य वाही ना हुई है.