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यह घटना जिला ऊना, तहसील हरोली, गाँव बाथू की है, जहाँ दलित समाज से सम्बन्धित निशा देवी पुत्री सुरजीत सिंह रहती हैं। लगभग 7 वर्ष पूर्व उनकी शादी सुभाष चंद निवासी बहली मोहल्ला, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश के साथ हुई थी, परंतु पति एवं ससुराल पक्ष से मारपीट और उत्पीड़न के कारण वह पिछले 2 वर्षों से मायके में ही रह रही हैं।दिनांक 04-03-2024 से 30-04-2025 तक निशा देवी ने गाँव अमराली, तहसील हरोली स्थित Zeera Foods Pvt. Ltd. फैक्ट्री में पैकिंग वर्कर के रूप में कार्य किया। वह इस फैक्ट्री में ठेकेदार रमन राणा के माध्यम से कार्यरत थीं। अक्तूबर 2024 में जब सभी मजदूरों को दिवाली बोनस दिया गया, तो ठेकेदार ने बाद में मजदूरी में कटौती की, जो कि नियमविरुद्ध था। इस पर निशा देवी ने आपत्ति जताई, जिससे ठेकेदार का व्यवहार उनके प्रति शत्रुतापूर्ण हो गया और वह लगातार बहाने बनाकर उन्हें प्रताड़ित करने लगा।
मार्च 2025 में बीमारी के कारण निशा देवी ने ESI कार्ड के माध्यम से उपचार लिया और 25 मार्च को फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त किया। इसके बावजूद ठेकेदार ने उन्हें 4 अप्रैल तक काम पर नहीं आने दिया। 4 अप्रैल को ही दबाव डालकर उनसे बिना तारीख वाला इस्तीफा लिखवाया तथा बाद में उन्हें दोबारा काम पर रखा।दिनांक 26-04-2025 से 30-04-2025 तक वह अपने भाई की शादी के कारण अवकाश पर रहीं। 30 अप्रैल को ठेकेदार ने उन्हें फोन कर कहा कि GM के बुलाने पर ही काम पर आएं। इसके उपरांत 03-05-2025 को उन्हें नौकरी से निकाले जाने की सूचना दी गई। निशा देवी ने इस पर लेबर इंस्पेक्टर के पास शिकायत दर्ज की। 06-05-2025 को ठेकेदार ने पुनः नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया, परंतु बाद में मना कर दिया।03-05-2025 को ही लेबर इंस्पेक्टर द्वारा दोनों पक्षों को काउंसलिंग हेतु ऊना लेबर कोर्ट बुलाया गया। काउंसलिंग के उपरांत जब निशा देवी अपने सहकर्मी रजत शर्मा के साथ कोर्ट परिसर से बाहर आईं, तो ठेकेदार रमन राणा अपने एक साथी के साथ वहाँ पहुंचा और बिना कारण विवाद करने लगा।
इस दौरान उसने जातिसूचक गालियाँ दीं और धमकी देते हुए कहा –
"सालो चमारो, तुम लोग चमार ही रहोगे। मैंने आज तक चमारों को अपनी जूती के नीचे रखा है, तुम क्या चीज हो। तुम्हें अब औकात दिखाऊँगा।"
निशा देवी ने इस संबंध में थाना टाहलीवाल में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जब उन्होंने DSP हरोली मोहन रावत से संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि “इसमें कोई कार्यवाही नहीं बनती, आप लोगों से तो बात करने से भी डर लगता है।”
इसके बाद निशा देवी ने जिला ऊना में ASP श्री सुरेंद्र शर्मा को शिकायत पत्र प्रस्तुत किया और दोषी रमन राणा के विरुद्ध SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत मामला 23-06-2025 को दर्ज करवाया।
यह घटना तहसील बंगाणा के गांव सतरुखा की है। इस गांव में नानक चन्द, पुत्र स्वर्गीय सिख राम उर्फ माडू राम, निवास करता है। उसकी आयु लगभग 64 वर्ष है और वह चमार जाति से सम्बन्धित है। नानक चन्द MSME/AD विभाग से सेवा-निवृत्त कर्मचारी है।
नानक चन्द को किसी व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से यह जानकारी मिली कि बंगाणा से सटे गांव नायली में पंडित प्रकाश चन्द शर्मा, पुत्र स्वर्गीय उधो राम, जो लगभग 70 वर्ष के हैं और एक समाज सेवक हैं, ने अपनी साझा (मुस्तरका) भूमि पर एक मंदिर का निर्माण किया है। इस मंदिर में उन्होंने बाबा पहाड़िया, सुभाष चन्द्र बोस, अपने माता-पिता तथा श्री गुरु रविदास महाराज जी की प्रतिमाएं स्थापित की हैं।
श्री गुरु रविदास जी की प्रतिमा स्थापित होने के एक माह पश्चात् दिनांक 12.04.2025 को पंडित प्रकाश चन्द शर्मा ने एक भंडारे का आयोजन किया और आसपास के गांवों में विशेष रूप से दलित समाज को आमंत्रित किया। इस दौरान उन्होंने नानक चन्द को यह बताया कि जब से उन्होंने श्री गुरु रविदास महाराज जी की प्रतिमा स्थापित की है, तब से उनके मोहल्ले के कुछ शरारती तत्व विरोध करने लगे हैं और कह रहे हैं कि वे “एक चमार की मूर्ति को माथा नहीं टेकेंगे।” पंडित प्रकाश ने नानक चन्द को यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की गई है, वह भूमि उनके हिस्से की है।
भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो, इस आशय से दिनांक 08.04.2025 को पंडित प्रकाश चन्द ने जिला उपायुक्त ऊना को एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसके पश्चात् 10.04.2025 को स्थानीय समाचार पत्र में यह प्रकाशित हुआ कि पंडित प्रकाश चन्द के ही गांव के कुछ लोगों ने जिला उपायुक्त से मिलकर उक्त भूमि को लेकर अदालत में दावा दायर कर दिया है।
इसके बाद 11.04.2025 को एसडीएम बंगाणा के निर्देश पर तहसीलदार अमित शर्मा ने पंडित प्रकाश चन्द को दूरभाष पर सूचित किया कि वे उसी शाम उस स्थल पर आएंगे ताकि प्रार्थना पत्र के विषय में बातचीत की जा सके। पंडित प्रकाश चन्द के मोहल्ले में जहाँ मात्र 23 ब्राह्मण परिवार रहते हैं, उस शाम वहाँ लगभग तीन सौ लोग एकत्रित हो गए, जिनमें बाहरी गांवों से आए राजपूत जाति के लोग भी शामिल थे।
नानक चन्द अपने बेटों और समाज के अन्य लोगों सहित इस सभा में उपस्थित हुआ। बातचीत के दौरान मनोज शर्मा फेसबुक पर लाइव वीडियो प्रसारित कर रहा था और कई लोग भड़काऊ भाषण दे रहे थे। सभा में नानक चन्द और उसके साथियों को “दूसरी जाति,” “नीच जाति,” तथा “बाहरी लोग” कहकर अपमानित किया गया। इस दौरान मनोज शर्मा और रणवीर राणा सहित अन्य लोगों ने नानक चन्द की गाड़ी तोड़ने तथा उसे जान से मारने की धमकियाँ भी दीं। स्थिति तनावपूर्ण होने पर तहसीलदार ने आदेश पारित किया कि गुरु रविदास जी की प्रतिमा को वहां से हटाकर पंडित प्रकाश चन्द के घर के बरामदे में रख दिया जाए। इसके उपरान्त पुलिस ने नानक चन्द और उसके साथियों को वहाँ से बाहर निकाला।
यह घटना जिला ऊना, तहसील अंब, उप-तहसील भरवाई, गांव व डाकघर धर्मशाला महंता की है। इस गांव में दलित समाज से बलवंत सिंह पुत्र श्री रुलिया राम रहते हैं, जो एक समाजसेवी व्यक्ति हैं। वर्ष 2018 में बलवंत सिंह ने अपने गांव में 37 कनाल भूमि खरीदी, जिसमें आधी भूमि कृषि योग्य है और आधी जंगल के रूप में है। वर्ष 2020-21 में उन्होंने यह भूमि अपने इकलौते पुत्र पवनजीत सिंह के नाम कर दी, जबकि मुख्तयार-ए-आम (पावर ऑफ अटॉर्नी) अपने पास रखा। भूमि विक्रेताओं ने बिक्री के समय भूमि का सीमांकन बता दिया था और उसके बाद बलवंत सिंह ने दस्तावेज़ अनुसार भूमि का कब्जा लेते हुए चारों ओर कांटेदार तार लगवा दी।
भूमि खरीद के कुछ समय बाद ही, वर्ष 2018 में गांव की पुष्पा देवी पत्नी स्वर्गीय रूप चंद, जाति ब्राह्मण, तथा उसके दोनों पुत्र राजकुमार और उपिंदर ने बलवंत सिंह की ज़मीन से कांटेदार तार उखाड़कर अपने घर ले गए। इसके बाद जनवरी 2019 में इन्हीं लोगों ने बलवंत सिंह की भूमि पर लगे बांस (बम्बू) के पेड़ों का झुंड मजदूर लगवाकर और स्वयं मिलकर काट लिया। चूंकि बलवंत सिंह का घर भूमि से लगभग 1 किमी दूर था, इसलिए उन्हें इसकी जानकारी कुछ दिन बाद मिली। इस बाबत बलवंत सिंह ने 10.01.2019 को पुलिस में शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि दोषियों का कहना था कि भूमि उनकी है, जबकि ऐसा नहीं था।
इसके बाद बलवंत सिंह ने अपनी भूमि खसरा नं. 1172, 1178 और 1166 की 19.11.2019 तथा 23.07.2021 को राजस्व विभाग के अधिकारियों से निशानदेही करवाई। खसरा नं. 1172 और 1178 की निशानदेही पूरी होने के बाद जब खसरा नं. 1166 की निशानदेही शुरू हुई तो पुष्पा देवी एवं उसके परिवार ने विरोध किया और कहा कि वे स्वयं निशानदेही करवाएंगे, जो कि अब तक नहीं करवाई गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जिस भूमि (खसरा नं. 1172 और 1178) को पुष्पा देवी व उसका परिवार अपना बता रहे थे, वह राजस्व विभाग की निशानदेही में गलत पाई गई और वास्तविक स्वामित्व पवनजीत सिंह (पुत्र बलवंत सिंह) का ही सिद्ध हुआ।
दिनांक 17.03.2021 को पुष्पा देवी, उसके पुत्र राजकुमार और उपिंदर ने खसरा नं. 1172 और 1178 में से बलवंत सिंह की भूमि पर लगे आठ खैर (कत्था) के पेड़ काट लिए। बलवंत सिंह ने इसकी शिकायत थाना चिंतपूर्णी में दी, परंतु पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज करने के बजाय केवल सामान्य धाराओं 341, 347, 34 IPC में मामला दर्ज किया। इन आठ खैर के पेड़ों की कीमत लगभग ₹50,000 थी, जबकि वन विभाग के अधिकारियों ने इसका मूल्यांकन मात्र ₹17,290/- बताया। बाद में जब पुलिस रिपोर्ट प्राप्त हुई तो उसमें यह दर्ज था कि ठेकेदार ने दोनों पक्षों को पैसे दे दिए हैं और उसे यह जानकारी नहीं थी कि भूमि किसकी है। जबकि राजस्व दस्तावेज़ और निशानदेही के अनुसार भूमि का स्वामित्व पवनजीत सिंह का ही है।
हाल ही में, दिनांक 23.03.2024 को बलवंत सिंह ने अपनी भूमि खसरा नं. 1178 पर लगे बांस के पेड़ों का झुंड ठेकेदार को बेच दिया। ठेकेदार ने जब 35-40 बांस काट लिए, तभी पुष्पा देवी वहां पहुंची और ठेकेदार को जबरन रोक दिया तथा दावा किया कि यह भूमि और पेड़ उसके हैं। इस बाबत जब बलवंत सिंह लगभग दोपहर 1:30 बजे एक व्यक्ति को साथ लेकर पुष्पा देवी के घर पहुंचे और पूछताछ की, तो पुष्पा देवी ने बलवंत सिंह को अश्लील और जातिसूचक गालियां देते हुए कहा – “कुत्तेया चमारा, तेरा जीना हराम कर दूंगी, तुझे बताऊंगी कि ब्राह्मण की जमीन कैसे खरीदी जाती है।”
इस घटना के बाद बलवंत सिंह ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1100 पर दर्ज करवाई। पुलिस ने दो बार दूरभाष पर सम्पर्क अवश्य किया, लेकिन आज तक इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
घाना सूबे बिहार के पूर्वी चंपारण जिले दे चिरैया थाना क्षेत्र के खोड़ा बाज़ार की है . उठके तिथि को पीड़ित श्री रामप्रीत राम , उम्र करीब ६६ वर्ष , पिता स्वर्गीय ठागा राम ग्राम मठिया भोपत , थाना लखौरा जिला पूर्वी चंपारण , जाती अनुसूचित , खोड़ा ग्राम निवासी श्री उपेन्द्र कुमार यादव ,उम्र करीब ४० वर्ष ,जाती पिछड़ी के यंहां अपने बकाये रुपये के लिए गया था . मालूम हो की रुपये धारक उपेन्द्र कुमार यादव द्वारा उक्त फ्तिथि को रुपया देने के लिए श्री राम को बुलाया था . श्री राम ने जब रुपये की मांग की तो उपेन्द्र कुमार यादव अपने तीन चार अज्ञात गुर्गों के साथ श्री राम के साथ दुर्व्योहर किया गया . उन्हें चमार हरिजन नीच आदि प्रकार की गलियां दी गयी . उनके साथ मार पीट की गयी और वहां से भगा दिया गया . आगे रुपये मांगने पर उनके विरुद्ध अप्रिय घटना को अंजाम देने की भी धमकिय श्री यादव द्वारा दी गयी . मालूम हो की उपेन्द्र कुमार यादव द्वारा विविध पारकर से श्री राम से 642000 रुपये ले लिए थे . वे देने से इंकार है .उक्त सन्दर्भ में sc/st थाना मोतिहारी में कांड स० : ७८/२५ दर्ज क्या गया है . विपक्षी के में आकर पुलिसे मामले को रफ्फा दफ्फा करना चाहती है .
கோவை மாவட்டம், பொள்ளாச்சி வட்டம், ஆர்.பொன்னாபுரம், சத்தியராஜ் நகரைச் சேர்ந்த செங்கோட்டையன், குமார் ஆகிய இருவரும் பட்டியல் பழங்குடியின நரிக்குறவர் சமூகத்தை சேர்ந்தவர்கள். இவர்கள் ஊசிபாசி மணிகளை தயார் செய்து ஊர், ஊராக சென்று விற்பனை செய்வதும், பேன்ஸி பொருட்களை மோட்டார் சைக்கிளில் கொண்டுச் சென்று விற்பனை செய்து அதில் வரும் வருவாயில் அவர்கள் குடும்பத்தை நடத்து வந்துள்ளனர். சில சமயங்களில் கொக்கு, காடை, குருவி போன்ற பறவைகளை உண்டி வில் மூலமாக வேட்டையாடுவதும் உண்டு.
இந்நிலையில் செங்கோட்டையன், குமார் ஆகிய இருவரும் கடந்த 27.12.2023 அன்று மதியம் சுமார் 2.00 மணியளவில் திருப்பூர் மாவட்டம், உடுமலைப்பேட்டை அருகே உள்ள தாந்தோணி பகுதியில் தென்னைசாலை (தென்னைதோப்பு) ஒன்றில் குருவி அடிப்பதற்காக சென்றுள்ளனர். அப்போது அங்கிருந்த செங்குருவியை அடிக்கும் போது உண்டி வில்லில் இருந்து சென்ற கல் தென்னை சாலையில் உள்ள தகர கொட்டாய் மேல் விழவே சத்தம் எழும்பியுள்ளது. இதனால் அங்கிருந்த கோழிகள் பயந்து ஓடிபுதருக்குள் மறைந்து கொண்டுள்ளது.
அப்போது அங்கு மோட்டார் சைக்கிளில் வந்த ஒருவர் இவர்கள் இருவரையும் பார்த்து “யார் நீங்கள் இங்கு என்ன செய்கிறீர்கள்: என கேட்டதற்கு அவர்கள் இருவரும் குருவி அடிப்பதற்காக வந்தோம் என கூறியபோது அதற்கு அவர் ”நீங்கள் இங்கேல்லாம் வரக்கூடாது வெளியே போங்கள்” என கூறியுள்ளார். அவர்களும் தென்னைசாலையில் இருந்து அருகே உள்ள ரோட்டிற்கு வந்துள்ளனர்.
மோட்டார் சைக்கிளில் வந்தவர் ரோட்டிற்கு வந்த இருவரையும் மீண்டும் தென்னைசாலைக்குள் அழைத்துச் சென்று சாலைக்காரர் வருகிறார் இங்கே இருங்கள் என கூறி அவர்களை பிடித்து வைத்திருக்கிறார். சற்று நேரத்தில் தென்னைசாலை உரிமையாளர் செல்வக்குமார் என்பவர் சம்பவயிடத்திற்கு வந்துள்ளார். வந்தவர் கோழிகளை தேடிப்பார்த்திருக்கிறார் கோழிகள் எதுவும் அங்கு இல்லாததால் இவர்கள் தான் கோழிகளை திருடியுள்ளதாக எண்ணி செல்வக்குமார் அவரது ஆட்களுக்கு போன் செய்து வரவைத்துள்ளார். இதற்கிடையில் செங்கோட்டையனும், குமாரும் கோழி திருடவில்லை குருவிதான் அடிக்க வந்தோம் என கூறியும் அதை கேட்காமல் இருவரையும் அடித்துள்ளார் செல்வக்குமார்.
சற்று நேரத்தில் செல்வக்குமார் ஆட்கள் சாலைக்குள் வந்ததும் செங்கோட்டையனை நான்கு பேர் கூடி அடித்து ஒரு தென்னை மரத்தில் கட்டிபோட்டு மரத்தடியால் கொடுரமாக தாக்கியுள்ளனர். இதில் செங்கோட்டையனுக்கு இரண்டு முழங்காலிலும் அடிப்பட்டு ரத்தம் கொட்டியுள்ளது. இடது கை மணிக்கட்டு உடைந்துள்ளது. இடது பக்கம் விலா எலும்பும் உடைந்துள்ளது. தலையின் பின்புறம் அடிப்பட்டு கழுத்து பகுதி மிகவும் பாதிக்கப்பட்டுள்ளது. மேலும் இடது கை ஆள்காட்டி விரலை கொரடாவால் நசுக்கியுள்ளனர்.
இதேபோல் தென்னை சாலையில் சற்று தூரத்திற்கு குமாரை கொண்டு சென்று வந்தவர்களில் மற்ற நான்கு பேர் கொண்ட கும்பல் லைலான் கயிற்றால் சராமரியாக உடல் முழுவதிலும் அடித்துள்ளனர். பிறகு தென்னைமரத்தில் கட்டிவைத்து தென்னை பாலையால் கொடுரமாக அடித்துள்ளனர்.
இதை தொடர்ந்து மாலை சுமார் 5.00 மணி ஆகியதும் புதருக்குள் மறைந்திருந்த கோழிகள் அனைத்தும் தென்னைசாலைக்குள் வந்துவிட்டது. இதை கண்ட செல்வக்குமார் கோழிகள் திருடு போகவில்லை என்பதால் கட்டிப்போட்டிருந்த செங்கோட்டனையும், குமாரையும் அவிழ்த்துவிட்டிருக்கிறார்.
இதற்குயிடையில் சுமார் 3.30 மணியளவில் செங்கோட்டையன் பையில் வைத்திருந்த டைரியை எடுத்து செங்கோட்டையன் மகன் மாணிக்கம் என்பவருக்கு செல்பேசியில் தொடர்புக்கொண்டு பேசிய செல்வக்குமார் செங்கோட்டையன் யார் என கேட்டிறுக்கிறார். அதற்கு மாணிக்கம் எனது அப்பாதான் என கூறியதும். அதற்கு செவக்குமார் இங்கு கோழி காணவில்லை அதனால் இருவரையும் போலிசில் பிடித்து கொடுத்துவிட்டோம் என கூறி தொடர்பை துண்டித்துள்ளார்.
அதன் பின் செங்கோட்டையனும், குமாரும் விடுவிக்கப்பட்ட பிறகு இருவரும் வீட்டிற்கு செல்லும்போது இடையில் செங்கோட்டையனுக்கு மயக்கம் வரவே குமார் வழிப்போக்கரின் உதவியோடு 108 ஆம்புலன்ஸ்க்கு போன் செய்து உடுமலைப்பேட்டை அரசு மருத்துவமனைக்கு கொண்டு சென்றுள்ளார். அங்கு உள்சிகிச்சை நோயாளியாக சிகிச்சைபெற்ற செங்கோட்டையன் சில நிமிடத்தில் சிகிச்சை பலனின்றி பரிதாபமாக இறந்துள்ளார்.
இச்சம்பவம் குறித்து உடுமலைப்பேட்டை காவல் நிலையத்தில் கு.எண்.728/2023 பிரிவு 294(b), 342, 324, 506(ii), 302, r/w 3(1) (r), 3(1) (s), 3(2) (V) SC/ST PREVENTION OF ATROCITIES AMENDMENT ACT 2015 ன் கீழ் வழக்கு பதிவு செய்து குற்றவாளிகளை கைது செய்துள்ளனர்.