
SMS Help line to Address Violence Against Dalits and Adivasis in India
Type ATM < your message > Send to 9773904050
]
यह घटना जिला मंडी की पंचायत पंडोह के गांव धरोली की है. इस धरोली गांव में चमार जाति में से बालक राम रहता है. बालक राम पिछले 25 वर्षो से अपनी समाज सेवा में वंचित समाज और निर्धन लोगो के मसाले उठाता रहता है. क्योंकि बालक राम जी एक स्वतंत्र पत्रकार है और आपका फैसला व अमर उजाला अखबार में खबरे लिखता रहता है. बालक राम जनता के लिए हर प्रकार की आवाज़ को उठाता रहता है. बालक राम कई संघठनो से जुडा हुआ है.
बालक राम ने दिनाक 10 नबम्बर 2018 को शोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट डाली उस पोस्ट में मरी हुई गाये को उठाने का मामला था. बालक राम ने अपनी इस पोस्ट में स्थानीय पंचायत व जनप्रतिनिधियों की जिमेवारी को उजागर किया था. साथ लगते गांव जरल से सतपाल ठाकुर स्पुत्र भूरी सिंह ने कोमेंट किया की “Sun lo Prdhaan V Up Pardhaan g Vrna ap ko be resvat deni pdegi news naa lagaane ki”
जब बालक राम ने 11 नबम्बर को इस पोस्ट को पडा तो वह हैरान हो गया की आखिर कौन पत्रकार रिश्वत लेता है. और बालक राम ने भी कोमेंट में लिखा की उस पत्रकार का नाम बतायो वरना माफ़ी मांगों. सभी पत्रकार सतपाल ठाकुर को पूछने लगे की को रिश्वत लेता है. फिर सतपाल ठाकुर ने एक विशाल पत्रकार को कोमेंट किया की “balak raam ji kaa kam logo ko drana dmka k mal lena ka he vishal g” इस पर सतपाल ठाकुर ने सावित कर दिया की रिश्वत लेने वाला पत्रकार बालक राम ही है. फिर सभी पत्रकारों से पीछा छुड़ाने के लिए सतपाल ठाकुर ने बालक राम की चमार जाति को देखते हुए कोमेंट किया की “Right sir panchayat par dos dene ke bjaye bai balk jine ye shub kaam kiya hota to ketani achi baat hoti akhir ye bi to panchayat body he samaj sevak hai” सतपाल ठाकुर के इस कोमेंट ने बालक राम को जाति आधारित प्रताड़ना दी है. सतपाल ठाकुर अछी तरह से जानता है की बालक राम चमार जाति से सम्बन्ध रखता है तभी उसने अपने कोमेंट में मरी हुई गाये बालक राम को उठाने बारे बोल डाला और पुन्य का काम बता दिया. इस शिकायत को लेकर बालक राम जी बड़ी ही जदोजहद करनी पड़ी तब जाकर इनका मामला दर्ज किया गया,
यह घटना जिला काँगड़ा की उप तहसील चढ़ीयार के गांव मटियाल की है इस गांव में दलित जाति में से फकीर चन्द स्पुत्र स्व घतारू राम रहता है जो के 65 बर्ष के करिव है इसका मुख पेशा बकरी पालम है हर रोज़ की तरह अपनी बकरीयांनजदीकी छेक जंगल चौरी सिद्ध के पास चराने गे थे उसी जंगल के बीचो बिच सड़क भी है फकीर चन्द सकड़ के किनारे खड़ा हुआ था की अचानक बहा पर अपनी गाड़ी में राजपूत जाति से गुलेरराणा आ गया और अचानक अपनी गाड़ी रोकी और फकीर चन्द को गलियां निकालने लगा के तूने अपनी मूछें क्यों रखी है और गन्दी गन्दी गालियाँ निकालते हुए जान से मार देने की धमकियां देने लगा फकीर चन्द उसकी प्रवाह न किया बगैर बकरिया सड़क से हटाने लगा तोह गुलेर राणा ने फकीर चन्द को डंडे से पीटना शुरू कर दिया गुलेर राणा ने फकीर चन्द के सर पे बार किया फकीर चन्द ने अपने आपको बचाने की आवाज़ लगाई उसकी आवाज़ सुनकर मदन मिन्हास वः चौरी सिथ्द बाबा आ गये और फकीर चन्द को गुलेर राणा से छुड़ाया और उसके परिवार को खबर दी फिर परिवार द्वारा फकीर चन्द को अस्पतालपहुचायां वहा पर फ़क़ीर चन्द को सर में 60 टाँके लगे और चोटों पर पाटिया कर बायीं
घटना का विवरण
यह घटना जिला कांगड़ा की तहसील भवारना के गांव रोड़ी की है. यह गांबजिला मुख्यालय से लगभग 40 कि०मी० की दुरी पर है. इस गांव में एक दलित बस्ती है जो की 50 वर्षोंसे ग्राम पंचायत खलेट के गावं रोड़ी में बसे हैं. ये अपना गुजर बसर चौकी खलेट के वनों पर निर्भर रह कर ही कर रहे है तथा अपनी आजीविका वर्षों से कमारहे हैं राम नगर कालोनी के समानयवर्ग (उच जाति ) के लोग निबास करते है इन लोगो ने झूठ केआधार पर दलित बस्ती के लोगो के खिलाफ नाजायज़ कब्जे का केस दर्ज करबा कर हाई कोर्ट शिमला से बिना इनकीसुनबाई किये आदेश लेकर आ गये है अब बन मंडलअधिकारी पालमपुर को दबाब बना रहे हैकि इन कचे मकानों को जल्द से जल्द गिराया जाये
दिनाक 15/2/18 को वनअधिकारी अन्य कर्मचारीयों को साथ ले कर आये और उन्होंने कचे मकानों को उखाड़ना सुरु कर दिया जब बस्ती के लोगो ने अपना जरुरी सामान घर से निकाला उसके बाद कुछ बुधी जीवी वः पंचायत के लोगो की सलाह के बाद शिव मंदिर में रखना शुरू कर दिया तो कालौनी के उच्च जाति के लोगो ने कहा के इस सरायें में दलित लोगो का आना बरजित है और कलौनी के लोग इकठा हो कर हाथ में डंडे लेकर आगये तथा दलित लोगो को धोगरी कह कर प्रताड़ित कर ने लगे और वहा से निकाल दिया फिर लोग अपने रिश्तेदारों के जहा इदर उदर किराये पर रहने लगे
हिन्दू धर्म के ठेकेदारों ने दो दलित छात्रो का बेतरतीब तरीके से......
सर का बाल मुड़कर,जूता का माला पहना कर सरेआम घुमाया तथा नाली का गन्दा पानी पिलाया
--------------------------------------------------------------------------------------
दिनाक 05.07.2019 को सूबे बिहार के नवादा जिले के वरिशालिगंज थाना क्षेत्र के मसनाखामा गाँव के दो दलित छात्र राजीव कुमार उम्र करीब 20 वर्ष एवं सागर कुमार उम्र करीब 19 वर्ष को उक्त गाव के भूषण यादव , सचिन यादव , बिंदा यादव व् गुलशन यादव तथा वरिशालिगंज के प्रभात मिश्र एवं रामप्रवेश सिंह सहित 30 - 35 लोगो द्वारा जबरन उसके घर से खीच कर लाया गया तथा गाँव के चौराहे पर दोनों के सर का बाल व मुछे बेतरतीब तरीके से मुड़ दिया गअ या l उसके पश्चात दोनों को चप्पलो एवं जूतों का माला पहना कर सम्पूर्ण गाँव में घुमवाया l नाली का गन्दा पानी पिलाया l चमार , हरिजन कहकर भादी भादी गलिय दी तथा पुलिस को सूचना देकर दोनों को गिरफतार करवाकर जेल भी भेजवा दिया l पुलिसे भी बिना वारंट व् प्राथमिकी के दोनों छात्रो को गिरफ्तार कर थाना ले गयी और आनन् फानन में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया l दोनों छात्रो पर हिन्दू धर्म के देवी देवताओ के फोटो पर पैर रख कर वीडियो वायरल करने तथा धार्मिक आस्था को ठेस पहुचाने का आरोप लगाया गया l
दलित छात्रो को आपमानित करेने की प्राथमिकी एक दिन बाद दर्ज की गई l उक्त मामले के 35 अभियुक्तों में मात्र एक को गिताफातर का जेल भेजा गया l पुलिसे मामले के प्रति उदासीन है l
मसंखामा एक ऐसा गाँव है जहाँ आज भी दलितों को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाता है l वहां के गैर अनुसूचित जाति के लोगों के उक्त प्रकार के व्यवाहर से अनुसूचित जाति के लोग हमेशा क्षुब्ध रहा करतें है l जिसके कारन हिन्दू धर्म के देवी देवताओ व् मंदिर आदि से उनका विश्वास उठता जा रहा है l दलितों के साथ भेद भाव को ख़त्म करना एवं दलितों को मंदिर में प्रवेश करना आज भी वहां के जिम्मेवार अधिकारिओ के लिया चुनौती बना हुआ है l
यह घटना जिला ऊना की पंचायत समुर के गांव गांव डंगेडा डा0 बरनोह , तहसील व जिला ऊना, हि०प्र० की है.इस गांव में चमार जाति में जोल स्थान में दीपिका पत्नी मुकेश कुमार रहती है. मुकेश कुमार JCB चलाने का काम करता है दीपिका के दो बेटे हैं बड़ा बेटा दिव्यांश 1 साल का है और दुसरा बेटा नवीश 2 महीने का है. दीपिका के घर में उसकी ननद प्रियंका, देवर सुशील कुमार व सास कृष्णा देवी रहती है देवर पड़ता है और ननद चंडीगढ़ प्राइवेट स्कुल में पढ़ाती है. दीपिका की सास कृष्णा देवी सरकारी अस्पताल में प्राइवेट ठेकेदार के पास सफाई का काम करती है. दीपिका के घर के सामने खेत में राजपूत जाति से सुनील कुमार स्पुत्र स्व: पवन कुमार का घर है जो की घर में अकेला रहता है. सुनील कुमार के माता पिता किसी बिमारी के चलते चल वसे हैं जिस वजह से व घर में अकेला ही रहता है. अकसर सुनील कुमार अपने घर की छत पर से पीछे की और दीपिका के घर की तरफ देख कुछ ना कुछ अभद्र टिप्पणिया करता रहता है
दिनाक 2/7/19 दिन में करीब 3 बजे सुनील कुमार अपने घर की छत पर था और दीपिका व उसकी ननद प्रियंका अपने घर में थी व अपनी कोई बात कर रही थी की इतने में सुनील कुमार भद्दे भद्दे कमेन्ट करने लगा तब प्रियंका ने उसे बोला की अपना काम करो हमें कमेन्ट करने की जरुरत नहीं. तब वह नीचे चला गया उस समय घर में सिर्फ दीपिका व उसकी ननद थी दीपिका की सास अस्पताल में काम के लिए चली गई थी. दीपिका का देवर iti करने के लिए गया था एव दीपिका का पति अपने मामा के घर गया हुआ था.
इसके बाद करीब रात 9:30 पर सुनील कुमार दीपिका के घर पर आ गया उस समय दीपिका वः उसका देवर सुशील ही मोजूद थे सुनील कुमार ने अपने हाथ में तलवार ली हुए थी उसने आते ही घर के बाहर लगे बल्ब को तोड़ दिया दीपिका का बरामदे में अपने बच्चो के साथ सो रही थी वः उसका देवर कमरे में सो रहा था सुनील कुमार ने वलब तोड़ ने के बाद गलिया निकालनी सुरु कर दी और कहने लगा साले कुतो चमारो निकालो बाहर इतने में डर कर दीपिका उठ गयी सुनील कुमार की तरफ उसकी पीठ थी सुनील कुमार ने उसे पिछे से उसके कपरो पकड़ लिया और उसका सूट फट गिया दीपिका अपने अप्प को छुड़ा कर कमरे में चली गयी इतने में उसका देवर बी उठ खड़ा हुआ सुनील कुमार के हाथ में तलवार देख कर डर गया और दरवाज़ा न खोलते हुए कमरे में ही रहा और सुनील कुमार की गलियों की रिकॉर्डिंग अपने फोन में करता रहा इतने में ही उसने अपनी मम्मी को अस्पताल में फोन कर दिया और अपने मामा के घर गए भाई को भी फोन कर दिया दीपिका का पति अपने मामा के साथ घर आ गया और आते ही सुनील कुमार को पकड लिया इतने में उसकी मम्मी ने थाना पुलिस को फोन किया और पुलिस के साथ ही अपने घर आ गयी पुलिस ने सुनील कुमार को गिरफ्तार किया पर सुनील कुमार रात का फायदा देखते हुए पुलिस की ग्रिफ्ट से भाग गया फिर दुसरे दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, पर रात को जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया तो सुनील कुमार धमकियां देने लगा की जब भी जेल से वापिस आयेगा तो सब को जान से मार देगा.